जगह-जगह फैला प्लास्टिक कचरा पशु पालकों के लिए बना मुशीबत, मवेशी पड़ रहे बीमारी
सरायकेला: सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र के बाजार सहित अगल बगल के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह फैले प्लास्टिक कचरा इन दिनों किसान एवं पशुपालकों के लिए मुसीबत का कारण बनता जा रहा है. नगर पंचायत द्वारा प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक के कैरी बैग सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं का उपयोग धड़ल्ले से जारी है. एक ओर जहां शहरी क्षेत्र की अधिकतर नालियां प्लास्टिक कचरों से अवरुद्ध हो रही हैं. नालियों में जलजमाव से अगल बगल के लोग परेशान हैं. जब कभी हल्की बारिश होती है तो वर्षा का पानी नालियों में कम सड़कों पर अधिक बहता है. जिसके कारण लोगों की जिंदगी नारकीय बन जाती है. गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है.
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पशु पालकों के लिए मुशीबत बना प्लास्टिक कचरा
दूसरी ओर प्लास्टिक का बिखराव ग्रामीण क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ने लगा है. किसानों के खेत तथा मछली पालकों के तालाबों में भी प्लास्टिक कचरे परेशानी का कारण बन गए हैं. सबसे अधिक नुकसान पशुपालक किसानों को उठानी पड़ रही है. गाय एवं बकरियां रंग बिरंगे प्लास्टिक कचरों को हरा चारा समझ खाने लगे हैं. जिसके कारण शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र तक के अनेक गाय एवं बकरियां प्लास्टिक कचरा खाकर जान गंवा चुकी हैं. सरायकेला नप क्षेत्र में प्लास्टिक के कैरी बैग सहित अन्य प्लास्टिक से बनी प्रतिबंधित वस्तुओं के उपयोग पर रोक थाम हेतु समय समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है. छापेमारी अभियान चला कर प्लास्टिक कैरी बैग मिलने वाले व्यावसायिक संस्थानों पर जुर्माना भी लगाया जाता है. लेकिन इन दिनों अभियान बंद रहने से दुकानदार एवं कारोबारियों में भय समाप्त हो गया है. जिसके कारण पुनः धड़ल्ले से प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग है.
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