खड़गपुर: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), खड़गपुर मंडल ने शनिवार को बाल संरक्षण अभियान ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत दो अलग-अलग घटनाओं में पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया।
सुबह करीब 9:15 बजे बगनान रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच के दौरान आरपीएफ कर्मियों ने रानी शिरोमणि एक्सप्रेस (18004 डाउन) में एक 14 वर्षीय लड़के को संदिग्ध हालात में अकेले यात्रा करते पाया। उसकी पहचान नूर इस्लाम मीर, निवासी खानपुर (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई।
आरपीएफ ने उसे भोजन और पानी दिया, फिर उलुबेरिया सदर अस्पताल में स्वास्थ्य जांच कराई। मेडिकल जांच में स्वस्थ पाए जाने पर उसे चाइल्डलाइन, हावड़ा को सौंप दिया गया और परिजनों को सूचना दी गई।
शालीमार स्टेशन पर चार लड़के पकड़े गए
इसी दिन सुबह 8:10 बजे शालीमार रेलवे स्टेशन के पीआरएस काउंटर के पास चार नाबालिग लड़के घूमते पाए गए। पूछताछ में पता चला कि ये सभी मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले हैं और बिना टिकट ओडिशा में काम की तलाश में जा रहे थे। इनकी पहचान अबू सईद शेख (14), सैदुल शेख (14), अपू शेख (15) और सबिरुल शेख (15) के रूप में हुई। सभी को सुरक्षित हिरासत में लेकर चाइल्डलाइन, हावड़ा को सौंप दिया गया।
खड़गपुर मंडल ने यात्रियों और नागरिकों से अपील की है कि रेलवे स्टेशनों या ट्रेनों में किसी भी लावारिस या अकेले बच्चे को देखकर तुरंत रेलवे अधिकारियों या आरपीएफ को सूचित करें। आरपीएफ ने कहा कि ‘नन्हे फरिश्ते’ पहल बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य की रक्षा के लिए लगातार जारी रहेगी।
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