Jamshedpur: उपायुक्त कार्यालय पर 22 मई को आक्रोशपूर्ण धरना, जनता की नाराजगी पहुंचेगी प्रशासन के दरवाजे

जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना की विफलता और शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता और जिम्मेदारी से भागने की प्रवृत्ति ने जनजीवन को संकट में डाल दिया है.

इन हालात के विरोध में 22 मई, गुरुवार को सुबह 10 बजे से उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आक्रोशपूर्ण धरना आयोजित किया जाएगा. सरयू राय ने चेताया है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और भी उग्र होगा.

पांच महीने से जारी प्रयास, फिर भी नतीजा शून्य
विधायक ने बताया कि पिछले पांच महीनों से वह और उनकी टीम पेयजल परियोजना में सुधार के लिए प्रयासरत हैं. पृथ्वी पार्क की वर्षों से बंद पड़ी पानी टंकी को चालू किया गया. इंटेक वेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सभी टंकियों के मोटर पंपों को बदलने की स्वीकृति प्राप्त की गई.

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सिविल और मैकेनिकल विंग के संयुक्त सर्वे के बाद मानगो नगर निगम को फंड देने की तैयारी भी की गई. जिले के उपायुक्त ने एक संयुक्त समिति का गठन कर इसकी निगरानी का दायित्व सौंपा.

हालांकि, इन सभी कोशिशों के बावजूद पेयजल आपूर्ति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ. कहीं 5 मिनट पानी आता है, तो कहीं लगातार बहता रहता है. रोज़ाना परियोजना के किसी न किसी हिस्से में खराबी आ जाती है.

क्यों ठप है पानी टंकी, जबकि फंड उपलब्ध है?
बालीगुमा क्षेत्र की पानी टंकी पिछले चार वर्षों से तैयार है. पाइपलाइन बिछ चुकी है, परंतु एनएच पार करने के लिए आवश्यक 10 लाख रुपये अब तक एनएच विभाग को नहीं दिये गये हैं. आश्चर्य की बात है कि यह राशि विभाग के पास उपलब्ध है, फिर भी काम रुका हुआ है.

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की हालत सबसे चिंताजनक
विधायक के अनुसार सबसे दयनीय स्थिति वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की है. गाद से भरे प्लांट में वर्षों से कार्यरत कर्मियों के निजी हित हावी हो चुके हैं. संचालन के लिए प्रशिक्षित मानव बल का अभाव है.

जल आपूर्ति की असंगति का यह आलम है कि कई जगहों पर केवल 5 से 20 मिनट तक पानी आता है, जबकि कहीं लगातार गिरता रहता है. नतीजा यह कि पेयजल परियोजना के होते हुए भी टैंकर से आपूर्ति करनी पड़ रही है.

साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन भी बेहाल
पेयजल संकट की ही तरह सफाई व्यवस्था और ठोस कचरा प्रबंधन भी बदहाल स्थिति में है. जनता को गंदगी, बदबू और स्वास्थ्य संकटों का सामना करना पड़ रहा है.

कानून व्यवस्था: अपराधियों में भय नहीं, महिलाओं में असुरक्षा
सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. संगठित अपराध के साथ-साथ अब दिनदहाड़े छिनतई और चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं.

महिलाओं का सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित चलना-फिरना मुश्किल हो गया है. यहां तक कि उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालयों के सामने भी महिलाएं छिनतई की शिकार हो रही हैं.

जनदबाव ज़रूरी, धरना से बदलेगा रवैया
सरयू राय ने जनता से आह्वान किया है कि वे गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय पर आयोजित धरना में शामिल हों और अपना आक्रोश दर्ज कराएं.

उन्होंने कहा कि जब सरकार के उच्चतम स्तर का हस्तक्षेप भी कारगर नहीं हो रहा है, तब जनदबाव ही अंतिम उपाय है.

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