Jamshedpur : कैरव गांधी अपहरण कांड का खुलासा, 13 दिन बाद सुरक्षित बरामद

  • एसएसपी पियुष पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताई पूरी कार्रवाई, अपहरणकर्ता जल्द होंगे गिरफ्तार
  • एसएसपी ने किया अपहरण कांड का आधिकारिक खुलासा

जमशेदपुर : सीएच एरिया निवासी कारोबारी देबांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में सोमवार को जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पियुष पांडेय ने संवाददाता सम्मेलन कर पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया। दोपहर 3.30 बजे के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि 13 जनवरी को अपहरण की सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस की कई टीमें लगातार इस मामले में लगी हुई थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहली प्राथमिकता अपहृत युवक की सुरक्षित बरामदगी थी और दूसरी प्राथमिकता अपहरणकर्ताओं को हर हाल में गिरफ्तार करना। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि अपहरण एक बेहद व्यस्त क्षेत्र सोनारी-कदमा लिंक रोड से किया गया था, जहां से अपहर्ताओं ने युवक को उठाया और मौके पर गाड़ी छोड़ दी थी।

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रंगदारी की मांग में पुलिस स्टीकर लगी गाड़ी का हुआ इस्तेमाल

एसएसपी पियुष पांडेय ने बताया कि अपहरण के बाद परिजनों के पास रंगदारी की मांग को लेकर फोन आया था। हालांकि, कितनी रकम की मांग की गई थी, इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया। उन्होंने यह जरूर कहा कि पुलिस ने किसी भी प्रकार की रंगदारी देने से साफ इनकार कर दिया था और अपहरणकर्ताओं को पकड़ने की रणनीति पर काम कर रही थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अपराधियों ने पुलिस स्टीकर लगी गाड़ी का इस्तेमाल किया था, जिससे किसी को शक न हो। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें झारखंड के अलावा बंगाल, ओड़िशा और बिहार के कई इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही थीं। तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर अपहरणकर्ताओं की सटीक लोकेशन का भी पता चल चुका था।

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पुलिस दबाव में छोड़ा युवक, अपहरणकर्ता अब भी फरार

एसएसपी ने बताया कि पुलिस की लगातार दबिश और लोकेशन ट्रेस होने से घबराकर अपहरणकर्ताओं ने कैरव गांधी को चौपारण और बहरी के बीच एक सुनसान इलाके में अकेला छोड़ दिया। आगे से आ रही पुलिस टीम ने युवक को सुरक्षित बरामद किया और तत्काल परिजनों से बातचीत कराई। इसके बाद 13 दिनों के लंबे इंतजार के बाद कैरव गांधी को उसके परिवार के हवाले कर दिया गया। एसएसपी ने साफ किया कि युवक के साथ किसी तरह की मारपीट या शारीरिक शोषण नहीं किया गया था, हालांकि पैसे की मांग जरूर की गई थी, जो पूरी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अब पुलिस का पूरा फोकस अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी पर है और जल्द ही इस मामले में बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।


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