जमशेदपुर: आज टाटा मोटर्स Convey Union के प्रतिनिधियों ज्ञान सागर प्रसाद, हरिशंकर प्रसाद, जुगल प्रसाद, त्रिलोचन सिंह, और मोहम्मद सलीम ने जिले के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अनिकेत एवं SDO से मुलाकात की. उन्होंने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए प्रशासन के द्वारा दिए गए आश्वासन का विरोध दर्ज किया. ज्ञात हो कि DC ने जमशेदपुर कान्वाई संगठन की मांगों के समाधान के लिए जिम्मेदारी सौंपी है.
वर्षों से चल रही समस्याएं
टाटा मोटर्स Convey Union वर्षों से टाटा मोटर्स प्रबंधन एवं प्रशासन के साथ संवाद कर रहा है. संगठन ने DC, SDO, ADM, DLC और थाना प्रभारी टेल्को से निवेदन किया है कि नई उत्पादित गाड़ियों को पहुंचाने वाले ड्राइवरों के साथ अन्याय हो रहा है. ड्राइवरों को न तो सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी मिल रही है, न 24 घंटे काम करने के बाद वेतन का भुगतान किया जा रहा है. इसके अलावा, उन्हें न तो सालाना बोनस मिल रहा है, न ही गाड़ी ले जाने के दौरान उनका इंश्योरेंस किया जा रहा है.
धरना और प्रशासन की भूमिका
वेतन का भुगतान 370 रुपए नगद दिया जा रहा है, बैंक के माध्यम से भुगतान नहीं किया जा रहा है. जब प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई, तो 1 मार्च 2024 से 11 महीने से टाटा मोटर्स जमशेदपुर के कान्वाई यार्ड में धरना जारी है. यह स्थिति जमशेदपुर शहर, टाटा घराना, टाटा मोटर्स और जिला प्रशासन के लिए गंभीर बन गई है. संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, धरना जारी रहेगा और किसी की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
आश्वासन और समस्याओं का समाधान
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्याओं का समाधान निकलेगा. इस पर काम चल रहा है. संगठन ने यह भी बताया कि जो ड्राइवर कंपनी के अंदर गाड़ी निकालकर चेचिस बुकिंग यार्ड तक पहुंचाते हैं, उन्हें प्रतिदिन ₹800 का भुगतान बैंक के माध्यम से किया जाता है, साथ ही PF, इंश्योरेंस और बोनस भी दिया जाता है. यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है, जिसका उत्तर किसी के पास नहीं है.
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