रांची: झारखंड विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन एक अप्रत्याशित घटना सामने आई जब जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन अंसारी का मोबाइल फोन सदन में जब्त कर लिया गया. यह कदम विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो के निर्देश पर उठाया गया.दरअसल, मंत्री हफीजुल हसन अंसारी सदन की कार्यवाही के दौरान किसी से फोन पर बात कर रहे थे. यह देखकर कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने उन्हें इसे बंद करने का आग्रह किया और कहा कि फोन का इस्तेमाल सदन की कार्यवाही में विघ्न डालता है.
स्पीकर ने जताई नाराजगी, दिए कड़े निर्देश
कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव की बात सुनकर विधानसभा के स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने कई बार सदन में फोन के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद मंत्री द्वारा फोन का इस्तेमाल जारी रखा गया था. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बार-बार एक ही निर्देश को दोहराना उचित नहीं है.
मंत्री का फोन जब्त, कार्रवाई का आदेश
स्पीकर ने इस पर कड़ा कदम उठाते हुए मंत्री हफीजुल हसन अंसारी के फोन को जब्त करने का आदेश दिया. इसके बाद विधानसभा के कर्मचारियों ने उनका फोन जब्त किया और इसे अध्यक्ष के आसन पर ले जाकर प्रस्तुत किया.
क्या यह सदन की कार्यवाही पर असर डालेगा?
इस घटना ने न केवल सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया, बल्कि विधानसभा के भीतर अनुशासन के पालन को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह की घटनाओं के बाद विधानसभा में भविष्य में किस प्रकार की व्यवस्था लागू की जाती है.
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