रांची: महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर राहे में झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में साम्प्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित करने से हुई।
मुख्य वक्ता और राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ सत्य-अहिंसा के रास्ते स्वतंत्रता आंदोलन का गौरवशाली इतिहास सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज देश में सत्य-अहिंसा के बजाय झूठ, हिंसा और नफरत की राजनीति हावी है और संविधान व लोकतंत्र खतरे में हैं।
सुफल महतो ने आलोचना करते हुए कहा कि गांधी की हत्या करने वाले संगठन की 100वीं वर्षगांठ पर डाक टिकट जारी करना देश का अपमान है। उन्होंने बताया कि आजादी के समय इस संगठन का मुख्य काम अंग्रेजों की चाटुकारिता करना और स्वतंत्रता आंदोलन का विरोध करना था।
महतो ने कहा कि किसान, मजदूर, छात्र और युवा को महात्मा गांधी के मार्ग पर चलकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित थे जिला कौंसिल सदस्य जयपाल सिंह मुंडा, अंचल कौंसिल सदस्य बिनोद साव, सुषेण हजाम, धनंजय साव, माधव हरिजन, और कई अन्य समाजसेवी। अध्यक्षता जयपाल सिंह मुंडा ने की।
नारे और शपथ
इस दौरान लोग नारे लगा रहे थे जैसे:
“गांधी हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं”
“महात्मा गांधी अमर रहें”
“संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष तेज़ करो”
“झूठ और नफरत की राजनीति नहीं चलेगी”
कार्यक्रम के अंत में सभी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते संघर्ष की शपथ ली।
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