- सानग्राम के 100 से अधिक उपभोक्ता डर के साए में जीने को मजबूर
- तीन फीट ऊंचाई पर दौड़ते नंगे तार, हर पल हादसे का खतरा
- ग्रामीणों ने बिजली विभाग से की त्वरित कार्रवाई की मांग
पोटका : पोटका प्रखंड के सानग्राम पंचायत अंतर्गत सानग्राम गांव के ऊपर टोला में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। गांव में करीब 100 से अधिक बिजली उपभोक्ता पिछले कई वर्षों से जान जोखिम में डालकर जीवन यापन कर रहे हैं। गांव में लगे बिजली के खंभे लगभग 47 साल पुराने और पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर तार टूटे हुए हैं और 220 वोल्ट के नंगे तार जमीन से मात्र तीन फीट की ऊंचाई पर गुजर रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि तालाब के किनारे नहाने जाने वाले ग्रामीणों को तार से बचते हुए झुककर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन बिजली विभाग आंख मूंदे बैठा है।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : भाजपा नेता पर जानलेवा हमले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 11 माह से था फरार
47 वर्षों में नहीं हुआ खंभों और तारों का नवीकरण
पंचायत के मुखिया अभिषेक सरदार, आशीष कुमार मंडल और तरुण मंडल ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद आज तक न तो खंभों का नवीकरण किया गया और न ही पुराने तार बदले गए। कई खंभे पूरी तरह टूट चुके हैं, फिर भी उन्हीं पर बिजली प्रवाहित हो रही है। इससे ग्रामीणों में हमेशा डर बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग के एसडीओ, जेई सहित अन्य अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश है और लोगों का कहना है कि विभाग कुंभकरणीय नींद में सोया हुआ है।
इसे भी पढ़ें : Seraikela : सरायकेला में बैंक कर्मचारी ने पंखे से फंदा लगाकर की आत्महत्या, इलाके में शोक की लहर
मोबाइल टावर सुरक्षित, ग्रामीण उपभोक्ता असुरक्षित
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मोबाइल टावर को नए खंभों और कवर लगे तारों के माध्यम से सुरक्षित बिजली आपूर्ति दी गई है, लेकिन गरीब और सामान्य उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पूरे गांव में खंभों, तारों और ट्रांसफार्मर की स्थिति बेहद जर्जर बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव के सभी बिजली खंभों, तारों और ट्रांसफार्मर स्थलों का स्थान परिवर्तन कर नए सिरे से सुरक्षित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले बिजली विभाग को जगाने का यह अंतिम प्रयास है। इस दौरान मनोज नामता, परमानंद सरदार, दीपक मंडल, संजय मंडल, राजेश मंडल, चितरंजन मंडल, आकाश पात्र, राकेश मंडल, रंजन राकेश पात्र समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे।