रांची: राहे और सोनाहातु में शहीद बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों और मजदूरों ने जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा की रक्षा करने का शपथ लिया। यह आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियन मोर्चा झारखंड के आव्हान पर झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य बिरसा मुंडा के आदर्शों को जीवित रखते हुए झारखंड में खुशहाली, भाईचारा और भ्रष्टाचार-शोषण का अंत करना बताया गया। झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा कि बिरसा के रास्ते ही झारखंड के सपनों को पूरा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा की रक्षा, लूट और भ्रष्टाचार का खात्मा बिरसा के आदर्शों से संभव है।
कार्यक्रम में किसानों और मजदूरों ने “झारखंड का 25 साल, सपना आधूरा, किसान-मजदूरों के संघर्षों से पूरा होगा” जैसे नारे लगाए। उन्होंने धान के एमएसपी के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि झारखंड में धान की खरीद 16-17 रुपए प्रति किलो करना किसानों के साथ विश्वासघात है।
आगे की कार्रवाई के रूप में उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर से 5 जनवरी तक क्रय केंद्रों में किसानों का डेरा डालो आंदोलन, 26 नवंबर को देशव्यापी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और 8 जनवरी 2026 को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष किसान रैली और प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में झारखंड राज्य किसान कौंसिल के सदस्य बिसमबर महतो, जयपाल सिंह मुंडा, शोभाराम महतो, पाडूराम मुंडा, रतन महतो, उमेश महतो, रंजीत मोदक, गगन सायं मुंडा, दिनेश महतो, मंगल मुंडा, शिवेश्वर अहिर, नेहरू लाल मुंडा सहित अनेक स्थानीय नेता और सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने “बिरसा मुंडा अमर रहे, बिरसा के रास्ते बढ़ेंगे, लड़ेंगे” जैसे नारे लगाकर अपने संघर्ष और संकल्प को मजबूत किया।
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