मुंबई: दक्षिण भारतीय फिल्मों से लेकर बॉलीवुड तक अपनी खास पहचान बना चुकीं अभिनेत्री समांथा रुथ प्रभु इन दिनों अपने विचारों और फैसलों को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने खुलासा किया कि अब वे ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर पहले की तरह सहज नहीं हैं. वे हर निर्णय को बेहद सोच-समझकर लेती हैं, ताकि उनका प्रभाव समाज पर सकारात्मक हो.
15 ब्रांड्स को कहा ‘ना’ — जानिए क्यों?
Foodpharmer को दिए गए इंटरव्यू में समांथा ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने करीब 15 ब्रांड्स के प्रस्ताव ठुकरा दिए. उन्होंने कहा, “अब मैं सिर्फ वही ब्रांड चुनती हूं जिनकी विश्वसनीयता हो और जो लोगों पर सकारात्मक असर डालते हों.”
समांथा ने यह भी कहा कि हर विज्ञापन को स्वीकार करने से पहले वह तीन डॉक्टरों से उसकी जांच करवाती हैं, ताकि सुनिश्चित हो सके कि उत्पाद स्वास्थ्य और समाज के लिए नुकसानदायक न हो.
पहले थी ब्रांड फेस बनने की खुशी
समांथा ने बताया, “जब मैंने 20 वर्ष की उम्र में इंडस्ट्री में कदम रखा, तो सफलता का पैमाना था — आपके पास कितने प्रोजेक्ट हैं, कितने ब्रांड्स आपके साथ काम करना चाहते हैं. मुझे खुशी होती थी कि बड़े-बड़े मल्टीनेशनल ब्रांड्स मुझे अपना चेहरा बनाना चाहते थे.”
अब है आत्ममंथन और ज़िम्मेदारी
उन्होंने कहा, “अब मुझे एहसास होता है कि हर चीज़ सिर्फ पैसा या शोहरत नहीं होती. मैंने खुद को बिना सोचे समझे विज्ञापनों से दूर रखने की कोशिश की है. अपने बीते फैसलों के लिए माफी मांगती हूं. मैंने समय के साथ सीखा है, और अब वही करती हूं जिससे भीतर से सुकून मिले.”
समांथा ने यह भी स्वीकार किया कि इस फैसले से आर्थिक नुकसान तो हुआ, लेकिन उन्होंने अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया.
वर्क फ्रंट पर क्या है अगला कदम?
वर्क फ्रंट की बात करें तो समांथा को पिछली बार वरुण धवन के साथ “सिटाडेल: हनी बनी” में देखा गया था. अब वे एक बार फिर चर्चित निर्देशक राज और डीके की वेब सीरीज़ “द फैमिली मैन 3” में नज़र आएंगी. दर्शकों को उनसे इस बार भी एक दमदार किरदार की उम्मीद है.
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