
सरायकेला: सरायकेला जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत झीमड़ी गांव में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. जगह-जगह कच्चे मकान ढहने लगे हैं, रास्ते कीचड़ से भर गए हैं और ग्रामीणों का बाहर निकलना दूभर हो गया है. ऐसे ही एक हृदयविदारक मामले में गांव की एक महिला ऊषा महतो का घर बारिश में पूरी तरह ढह गया.
ऊषा महतो का परिवार पहले से ही लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे गंभीर सामाजिक संकटों से जूझ रहा था. अब इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी पीड़ा को और गहरा कर दिया है. घर ढहने से उनके पास अब सिर छुपाने की जगह भी नहीं बची.
बारिश के कारण घर ढहने के बाद ऊषा महतो का परिवार खुले आसमान के नीचे जीने को मजबूर है. दो वक्त की रोटी का भी ठिकाना नहीं है. न पालतू जानवरों के लिए कोई आश्रय है, न ही बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान.
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश से गांव के कई हिस्सों में मकानों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन ऊषा महतो का परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है.
ग्रामीणों की ओर से प्रशासन से मांग की जा रही है कि पीड़ित परिवार को तुरंत राहत और आवास की व्यवस्था की जाए. साथ ही, झीमड़ी जैसे संवेदनशील इलाकों में आपदा राहत टीमों की तैनाती और आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति की जाए.
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