जमशेदपुर : लगातार बारिश से चांडिल बहुउद्देशीय परियोजना के तहत बने चांडिल डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को डैम के सात रेडियल गेट खोले गए. इनमें छह गेट 2.30 मीटर की ऊंचाई तक और एक गेट एक मीटर तक खोला गया.
डैम डिवीजन टू ने संभावना जताई है कि आवश्यकता पड़ने पर और गेट भी खोले जा सकते हैं. यह स्थिति पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है.
चांडिल डैम का जलाशय लगभग 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है. जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. इसके मद्देनज़र डैम प्रशासन ने जलाशय से लगे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. विस्थापित क्षेत्रों और निम्न इलाकों में जलभराव की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे स्थिति की गंभीरता को समझें और अनावश्यक रूप से निचले इलाकों में न रहें.
रांची, बुंडू और तमाड़ क्षेत्र की नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि देखी जा रही है. इनका पानी चांडिल डैम में प्रवेश कर रहा है, जिससे जलाशय का स्तर 181.05 मीटर तक पहुंच गया है. प्रशासन ने जलस्तर को इसी सीमा में नियंत्रित रखने का प्रयास किया है ताकि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र समेत आसपास के गांवों में पानी का प्रवेश न हो और ग्रामीण सुरक्षित रह सकें.
चांडिल डैम डिवीजन टू द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. स्थानीय ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
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