देवघर: देवघर के हिरणा स्थित देवघर सेंट्रल स्कूल में मंगलवार को पृथ्वी दिवस पर संगोष्ठी और प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य सुबोध झा ने पर्यावरण प्रदूषण को एक वैश्विक समस्या बताते हुए कहा कि सभ्यता के विकास के साथ ही हमने अपनी जीवनशैली में ऐसी कई समस्याएं उत्पन्न की हैं, जिनके कारण हम अपने ही बनाए हुए संकट में फंस चुके हैं. उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं, जैसे हवा, पानी और भूमि, सभी दूषित हो गए हैं, और यह समस्या एक लाइलाज बीमारी बन चुकी है.
वक्ताओं के विचार
संगोष्ठी के दौरान आयोजित भाषण प्रतियोगिता में छात्रों ने पर्यावरण के मुद्दों पर अपने विचार रखे. आशीष यादव ने कहा कि सभ्यता की दौड़ में अपनी गति बनाए रखने के लिए हमनें पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ दिया है. किशन कुमार ने पेड़ो की अंधाधुंध कटाई, जंगलों की समाप्ति और खनिजों के दोहन को पर्यावरण संकट का मुख्य कारण बताया. वहीं, हर्ष ने पृथ्वी को बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया और आर्यन राज ने इस वर्ष के पृथ्वी दिवस के थीम “हमारी शक्ति, हमारी पृथ्वी” पर विचार करते हुए गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात की.
पोषण ऊर्जा पर जागरूकता
प्रतियोगिता के बाद, छात्रों ने सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, जियोथर्मल एनर्जी और टाइडल एनर्जी जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने इन ऊर्जा स्रोतों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री झारखंड को एक अनुरोध पत्र भी भेजा. छात्रों का मानना था कि जन जागरूकता के लिए विद्यालयों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भविष्य निर्माण का कार्य करते हैं.
जागरूकता के लिए पोस्टर और क्विज
संगोष्ठी के दौरान बच्चों ने रंगबिरंगे पोस्टर बनाए, जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करते थे. इसके साथ ही एक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सृजा, आकांक्षा, सोनम, जोया, श्रद्धा और अन्य बच्चों का विशेष योगदान रहा.
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