गुवा : गुवा सेल में सेल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रहने के लिए गुवा सेल के गेस्ट हाउस के पास एवं विरसा नगर 2 में गुवा थाना के पास सेल प्रबंधन द्वारा 50 नवनिर्मित घर का निर्माण किया किया जा रहा है। इस नव निर्मित घर की निर्माण में मजदूरों का शोषण एवं बाहरी मजदूरों को काम पर लगाए जाने के विरोध में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने घरों का निरीक्षण किया , जहां मजदूरों से बात की गई ।
मजदूरों को 600 रुपए मजदूरी दी जा रही है
रामा पाण्डेय ने कहा कि जितने भी मजदूर नवनिर्मित घर का निर्माण करने में लगाए गए हैं सभी मजदूर बाहर से बुलाए गए हैं। साथ ही इस नवनिर्मित 50 घरों का निर्माण का कंटेक्ट दूसरे राज्य की कंपनी एमटीसीसी को दिया गया है, जहां एमटीसीसी कंपनी उसे पेटी कांटेक्ट में त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन को दे दिया गया है। और त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन बाहरी मजदूरों को बुलाकर यहां घर निर्माण कार्य में लगाया गया है। जहां उसे मिनिमम वेज के से भी कम मजदूरी दी जा रही है। जिसमें मिट्टी ढोने वाले अनस्किल्ड मजदूरों को 350 रुपए और स्किल्ड मजदूरों को 600 रुपए मजदूरी दी जा रही है।
मजदूरों को सेफ्टी सामान भी उपलब्ध नहीं कराया गया
जबकि भारत सरकार का मिनिमम वेज अनस्किल्ड का 541 रुपये है और स्किल्ड का 805 रुपये है। साथ ही रामा पांडे ने कहा कि इन मजदूरों का ए रजिस्टर में नाम भी अंकित नहीं है। साथ ही बिना मजदूर का मेडिकल जांच किए ही मजदूरी पर रख लिया गया है। एवं कार्य करने के दौरान मजदूरों को सेफ्टी सामान भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। एवं कार्य क्षेत्र में निर्माण से संबंधित कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।
इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सेल के नवनिर्मित बना रहे घर पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। और मजदूरों का पूरी तरह से शोषण किया जा रहा है। कहीं ना कहीं इसमें गुवा सेल प्रबंधन का भी बहुत बड़ा भ्रष्टाचार में हाथ है। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ गुवा सेल में भ्रष्टाचार को नहीं होने दी जाएगी साथ ही बाहरी मजदूरों को हटाया जाए एवं यहां के स्थानीय मजदूरों को ली जाए। अगर गुवा सेल प्रबंधन ऐसा नहीं करती है तो इसके लिए यूनियन आंदोलन करने पर वाद्य होगी, जिसका जिम्मेवार खुद गुवा सेल प्रबंधन की होगी।
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