Seraikela : सरायकेला में नहर टूटी, घरों और खेतों में घुसा पानी, विभाग पर भड़के ग्रामीण

  • चांडिल डैम परियोजना में भ्रष्टाचार और लापरवाही से बड़ा हादसा
  • जांच और कार्रवाई की मांग पर अड़े ग्रामीण, कहा– अब और लापरवाही नहीं

सरायकेला : जिले के चाकुलिया में गुरुवार को चांडिल डैम की मुख्य नहर में बड़ा लीकेज हो गया, जिससे पानी तेजी से गांव की ओर बहने लगा और कई घरों में घुस गया। यह नहर पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक पानी पहुंचाने का काम करती है। अचानक हुई इस घटना से ग्रामीण दहशत में आ गए। बताया गया कि चाकुलिया गांव के पास जहां पहले किसानों की सुविधा के लिए एक क्लवर्ट पुल था, वहीं उसके सामने टेंडर के जरिए दूसरा अंडरग्राउंड पुल बनाया गया था। निर्माण के दौरान पुराने क्लवर्ट को मिट्टी से ढककर लीपापोती कर दी गई। गुरुवार को इसी पुराने क्लवर्ट से सीपेज होकर पानी बाहर निकल पड़ा और तेज बहाव ने खेतों और घरों को अपनी चपेट में ले लिया। नहर फटने से नहा रही कुछ महिलाओं को भी जान बचाकर भागना पड़ा।

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नहर टूटने से घरों में घुसा पानी, ग्रामीणों में दहशत

ग्रामीणों का आरोप है कि चांडिल डैम के रखरखाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में सिर्फ कागजी काम होता है। चिलगु पंचायत के पूर्व मुखिया नर्सिंग सरदार ने कहा कि जब दूसरा पुल बनाया गया था, तभी पुराने क्लवर्ट को हटाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इसे मिट्टी से ढककर छोड़ दिया गया। इस घटना ने परियोजना में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। अचानक पानी आने से खेतों में दरारें पड़ गईं और कई जगह शाखा कैनाल भी धंसने लगी।

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ग्रामीणों का आरोपठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हुई घटना

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए मुख्य कैनाल का पानी बंद कर दिया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और वे विभाग से कड़े जवाब की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते इस तरह की लापरवाही दूर नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जल संसाधन विभाग से मांग की है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

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