रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड जनजातीय परामर्शदातृ परिषद् (टीएसी) की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में घाटकियारी विधायक संजीव सरदार ने भी भाग लिया। बैठक में जनजातीय समुदाय के अधिकारों, संस्कृति, पहचान और समग्र विकास पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
अबुआ सरकार की प्रतिबद्धता : आदिवासी हित सर्वोपरि
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी आत्मा से है और हमारी सरकार उसी आत्मा को संरक्षित और समृद्ध करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
सरना धर्म कोड के लिए संघर्ष का ऐलान
मुख्यमंत्री ने जातीय जनगणना में सरना धर्म कोड को शामिल कराने की प्राथमिकता दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस विषय पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो राज्य की सरकार चुप नहीं बैठेगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र की भाजपा सरकार सरना धर्म कोड को लेकर टालमटोल करती है तो हम सड़क से लेकर सदन तक अपना हक और अधिकार लेने के लिए संघर्ष करेंगे।
जन प्रतिनिधियों की भूमिका भी रही सक्रिय
बैठक में विधायक संजीव सरदार समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी राज्य के विभिन्न जनजातीय समुदायों के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मुद्दों पर अपने विचार रखे और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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