रामगढ़: 24 सितंबर को रामगढ़ में आयोजित रैली के दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो को जान से मारने की धमकी दी गई। रैली में कुछ लोगों ने विधायक का नाम लेकर अपमानजनक और अशोभ्य शब्दों का प्रयोग किया और कृत्रिम टाइगर (effigy) का प्रदर्शन कर उनका मजाक उड़ाया। इस घटना ने इलाके में डर और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी।
JLKM जिला मीडिया प्रभारी प्रकाश कुमार महतो ने कहा कि कुड़मी समाज अपनी संवैधानिक मांगों के लिए आवाज उठाता है। उनका उद्देश्य ST सूची में पुनः शामिल होना है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद 13 से 32 समाजों को ST सूची में शामिल किया गया, और उस समय कोई विरोध नहीं हुआ।
प्रकाश महतो ने कहा कि यह विरोध कुड़मी समाज को निशाना बनाकर किया जा रहा है, जबकि अन्य समाजों को लाभ लेने से कोई रोक नहीं है। उनका कहना था कि कुड़मी समाज का विरोध आदिवासी समाज की मांगों के खिलाफ नहीं, बल्कि राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले कुड़मी समाज के नेताओं को भी निशाना बनाया गया है। उदाहरण के लिए, समाज के उभरते नेता निर्मल महतो की हत्या और पूर्व सांसद सुनील महतो पर हमले के मामले सामने आए थे।
इस घटना के बाद JLKM ने साइबर क्राइम सेल और झारखंड पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में विधायक को धमकी देने और कृत्रिम टाइगर प्रदर्शन के सबूत (वीडियो, फोटो, स्क्रीनशॉट) संलग्न किए गए। मुख्य आरोपी Amit Munda के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई।
JLKM की मांगें
JLKM ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया है कि:
Amit Munda और अन्य दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
सुप्रीमो जयराम महतो की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
घटना की उच्चस्तरीय (CID/CBI) जांच कराई जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और दंड लागू किया जाए।
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