गुवा: गुवा सेल में 20 बाहरी व्यक्तियों की कथित बहाली के विरोध में मंगलवार को संयुक्त यूनियनों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। यूनियन पदाधिकारी और मजदूर जनरल ऑफिस के सामने जुटकर जोरदार नारेबाजी कर रहे थे और चेतावनी दी कि यदि बाहरी लोगों की बहाली तुरंत नहीं रोकी गई, तो उत्पादन और डिस्पैच अनिश्चितकालीन बंद रहेगा।
संयुक्त यूनियनों का आरोप है कि गुवा सेल में स्थानीय मजदूर और बेरोजगार युवाओं की अनदेखी करते हुए बाहर से लोगों को नौकरी दी जा रही है। यह निर्णय ठेका मजदूरों और स्थानीय परिवारों में भारी आक्रोश पैदा कर रहा है। सोमवार की रात्रि से यूनियन नेताओं के निर्देश पर बसों को रोका गया, जिससे उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया।
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सेल प्रबंधन ने स्थिति को संभालने के लिए यूनियन नेताओं के साथ बैठक की। गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार ने कहा कि केवल सात लोगों की बहाली हुई है और सभी झारखंड के निवासी हैं।
इसके बावजूद यूनियन नेताओं ने आपत्ति जताई और कहा कि गुवा क्षेत्र में पर्याप्त बेरोजगार युवक मौजूद हैं, ऐसे में बाहर से नियुक्ति की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक इन सातों की बहाली रद्द नहीं होती, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
प्रदर्शन स्थल पर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन, सारंडा युवा बेरोजगार संघ सहित अन्य यूनियनों के नेता और स्थानीय लोग उपस्थित थे। प्रमुख पदाधिकारी रहे—
रामा पांडेय, केंद्रीय अध्यक्ष, झारखंड मजदूर संघर्ष संघ
अंतर्यामी महाकुड़, महामंत्री
विश्वजीत तांती, महामंत्री, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन
उदय कुमार सिंह, अध्यक्ष, सारंडा युवा बेरोजगार संघ
पंचायत मुखिया पद्मिनी लागुरी और चांदमनी लागुरी
जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी
साथ ही बड़ी संख्या में ठेका मजदूर, सफाईकर्मी और स्थानीय युवा भी प्रदर्शन में शामिल थे।
यूनियन नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन स्थानीय लोगों के रोजगार अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रबंधन ने तुरंत सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और व्यापक एवं उग्र रूप ले सकता है।