Jhargram : झाड़ग्राम में सीआरपीएफ का “मिशन कामियाब” बना बदलाव की मिसाल, 20 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

  • 184वीं बटालियन की पहल से पिछड़े इलाकों के युवाओं को मिला नया भविष्य
  • सम्मान समारोह में युवाओं को मिला नई ऊर्जा

झाड़ग्राम : झाड़ग्राम शहर के कदमकनान स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 184वीं बटालियन द्वारा संचालित “मिशन कामियाब” जिले में आशा, आत्मविश्वास और सफलता की नई कहानी लिख रहा है। अत्यंत पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू इस मिशन से जुड़े 27 से अधिक युवक-युवतियों में से अब तक 20 का विभिन्न सरकारी नौकरियों में चयन हो चुका है। यह उपलब्धि न केवल युवाओं के जीवन में बदलाव लेकर आई है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : कौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी व दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर उठाए सवाल, कहा मनमोहन सिंह का अपमान क्या सिखों का नहीं था 

ग्रामीण युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बना मिशन कामियाब

बताया गया कि वर्ष 2010 से झाड़ग्राम क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ-साथ सीआरपीएफ 184वीं बटालियन लगातार सिविक एक्शन प्रोग्राम और जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इसी क्रम में वर्ष 2021 में “मिशन कामियाब” की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी किताबें और अध्ययन सामग्री, करियर काउंसलिंग तथा सरकारी नौकरियों से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही यह मिशन आम जनता और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास और सकारात्मक संबंधों को भी मजबूत कर रहा है। वर्तमान में यह कार्यक्रम कमांडेंट प्रवीण कुमार त्रिपाठी और सेकेंड-इन-कमांड अधिकारी प्रणव आनंद झा के पर्यवेक्षण में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

इसे भी पढ़ें : Galudih : तारापद महतो हत्याकांड में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हथियार व बाइक बरामद

सीआरपीएफ की पहल से मजबूत हो रहा जन-सुरक्षा बलों का भरोसा

मिशन के तहत सफलता प्राप्त कर चुके छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने और अन्य युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से 184वीं बटालियन मुख्यालय, झाड़ग्राम में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कमांडेंट प्रवीण त्रिपाठी ने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि “मिशन कामियाब” का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि गांव-देहात के प्रतिभाशाली युवाओं को सही मार्गदर्शन देकर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं से इस मिशन से जुड़ने और मेहनत व अनुशासन के साथ अपने सपनों को साकार करने की अपील की।

Spread the love

Related Posts

Kharagpur : खड़गपुर मंडल अंतर्गत रेलवे स्टेशनों का सीआरएस ने किया निरीक्षण, खामियां सुधारने का निर्देश

खड़गपुर :नवनिर्मित सांकराइल–संतरागाछी ब्रॉड गेज लिंक लाइन के परिचालन से पूर्व एक महत्वपूर्ण कदम के तहत बृजेश कुमार मिश्रा , कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस), साउथ ईस्टर्न सर्कल, कोलकाता ने…

Spread the love

Kharagpur : खड़गपुर मंडल रेल प्रबंधक ललित मोहन पांडे ने शालीमार और सांतरागाछी स्टेशनों का निरीक्षण किया

यात्री सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा शालीमार रेलवे स्टेशन में नए प्लेटफॉर्म और वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो की तैयारियों का निरीक्षण खड़गपुर : खड़गपुर मंडल के…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time