गुवा : बड़ाजामदा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने सैकड़ों परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। फुटबॉल मैदान और काली मंदिर एरिया के आसपास रहने वाले लोग पिछले करीब चार महीनों से जलमीनार से होने वाली पानी आपूर्ति से वंचित हैं। हालात ऐसे हो चुके हैं कि लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलापूर्ति योजना सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
वार्ड नंबर 7, 8, 9 और 10 में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है, जबकि अन्य इलाकों में नियमित रूप से पानी दिया जा रहा है। इससे प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते 15 मार्च को मुखिया पार्वती देवी को लिखित आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी मदन गुप्ता ने पंचायत व्यवस्था और जलापूर्ति तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर लोगों को टाल दिया जाता है।
कभी पाइप फटने की बात कही जाती है तो कभी वाल्व खराब होने का हवाला दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि जिस पाइप की मरम्मत की बात कही जा रही थी, उसे बालाजी कंपनी द्वारा महीनों पहले ही ठीक कर दिया गया था, इसके बावजूद पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मरम्मत के नाम पर लोगों से पैसे वसूले गए। मदन गुप्ता के अनुसार उन्होंने स्वयं 5 हजार रुपए मरम्मत कार्य के लिए दिए थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इससे लोगों में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। भीषण गर्मी के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि कई परिवार निजी साधनों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। गरीब और मजदूर वर्ग के लिए यह संकट आर्थिक बोझ भी बन गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्रवाई करने और बंद पड़ी जलापूर्ति व्यवस्था को शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
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