क्षेत्र में अवैध जुआ कारोबार का नेटवर्क सक्रिय, प्रशासन पर उठ रहे सवाल
जमशेदपुर : गोविंदपुर थाना क्षेत्र इन दिनों अवैध कारोबारियों का गढ़ बनता जा रहा है. थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर मुर्गा पाड़ा की आड़ में जुआ, हब्बा-डब्बा आदि कराया जा रहा है. जिसके कारण युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है. खासकर गरीब एवं मध्यम वर्ग परिवार से जुड़े लोग अपनी गाढ़ी कमाई अवैध कारोबार में गवां रहे हैं. अवैध कारोबार का मुख्य गढ़ इन दिनों थाना क्षेत्र का मनपीटा गांव बना हुआ है. जहां जंगल के बीच मुर्गा पाड़ा की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. हमारे संवाददाता के ग्राउंड रिपोर्ट में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.
जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. खासकर जिस युवा वर्ग को पढ़ाई एवं रोजगार की चिंता होनी चाहिए. वह इन दिनों अवैध कारोबार की लत के कारण अपना कैरियर बर्बाद करने पर आतूर है. वहीं रोज कमाने-खाने वाले गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार के लोग अपनी गाढ़ी कमाई मुर्गा पाड़ा, जुआ अथवा हब्बा-डब्बा में गवां रहे हैं. जिसके कारण क्षेत्र में चोरी, छिनतई एवं मारपीट जैसे अपराध बढ़ रहे हैं. वहीं इस कारोबार से जुड़े लोग मालामाल हो रहे हैं. ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यह जानकारी मिली की यह सारी अवैध गतिविधियां पुलिस-एवं प्रशासन की मिली भगत से संचालित की जा रही हैं. जिसके कारण कारोबारियों में किसी तरह का डर भय नहीं है.
जगह बदल-बदलकर हो रहा संचालन

छानबीन के दौरान जानकारी मिली की अवैध कारोबारी एक जगह पर ज्यादा दिनों तक अपनी गतिविधियां संचालित नहीं करते हैं. जैसा की बताया जाता है, तीन से चार दिन के बाद वे जगह परिवर्तित कर दूसरे स्थान पर चले जाते हैं तथा वहां इसका संचालन करते हैं. जगह बदले जाने की जानकारी वाट्सएप मैसेज के माध्यम से दी जाती है. इसके लिए ऐसे कारोबारियों ने कई वाट्सएप ग्रुप बनाया है. जिसमें सैकड़ो लोग जुड़े हुए हैं. जानकारी के अनुसार जिन जगहों पर अवैध गतिविधियां संचालित होती है, उनमें मनपीटा के अलावे धान चट्टानी, वीणापाणि गांव, घोड़ाबांधा, लुआबासा आदि गांव शामिल है.
पुलिस के अलावे सफेदपोशों का मिलता है सहयोग
अवैध कारोबार के बेखौफ संचालन में लोगों ने पुलिस की मिलीभगत के अलावे स्थानीय सफेदपोश एवं तथाकथित पत्रकारों के सहयोग करने की जानकारी दी. इसके एवज में उपरोक्त सभी को प्रतिदिन अथवा मासिक के तौर पर मोटी रकम पहुंचायी जाती है. जिससे उनका समर्थन इन्हें मिलता है. स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि अवैध कारोबार स्थल पर मादक पदार्थों की बिक्री भी खुलेआम होती है. जिससे नशेड़ियों का भी वहां जमावड़ा लगे रहता है. नशा करने के दौरान कई बार मारपीट, चोरी एवं छिनतई जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. गौरतलब हो कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अवैध कारोबार बंद कराते हैं, कारोबारियों पर कार्रवाई करते हैं या यह कारोबार वैसे ही चलता रहेगा. (अगला अंक जल्द…)
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