गुवा : नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत गुवा थाना क्षेत्र के नुईया गांव की महिलाएं सारंडा के जंगलों से मिलने वाले साल पत्तों के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। गांव की महिलाएं जंगल से साल के पत्ते एकत्र कर उनसे पत्तल तैयार करती हैं और उनकी बिक्री कर अपने परिवार के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। नुईया गांव के मुंडा दुरसू चाम्पिया ने बताया कि वन विभाग के सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह कार्य न केवल महिलाओं की आय बढ़ा रहा है, बल्कि पारंपरिक वन आधारित आजीविका को भी सशक्त बना रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सप्ताह में एक दिन महिलाएं और परिवार के अन्य सदस्य सारंडा के जंगलों से साल के पत्ते एकत्र करते हैं। इसके बाद इन पत्तों से पत्तल तैयार कर बंडल बनाए जाते हैं। एक परिवार सप्ताह में औसतन तीन बंडल तैयार करता है, जिनमें प्रत्येक बंडल का वजन लगभग 10 से 13 किलोग्राम होता है।
गांव के करीब 20 परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं और सामूहिक रूप से सप्ताह में लगभग 90 बंडल तैयार कर लेते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सप्ताह में एक बार जराइकेला से वाहन आता है, जिसमें तैयार पत्तलों के बंडलों को प्रति किलोग्राम 45 रुपये की दर से खरीद लिया जाता है। इससे परिवारों को नियमित आमदनी का स्रोत मिल रहा है। वहीं, पत्तल खरीदने वाले वाहन मालिक ने बताया कि इन बंडलों को गोदाम में ले जाकर पहले सुखाया जाता है।
इसके बाद मशीनों की सहायता से उन्हें थाली और दोना का आकार देकर विभिन्न बाजारों में बिक्री के लिए भेजा जाता है। इस कार्य से जुड़ी महिलाओं और परिवारों में सारिया सुरीन, गोरजो चाम्पिया, चंद्रमोहन बोदरा सहित कई ग्रामीण सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस पहल को और प्रोत्साहन मिले तो सारंडा क्षेत्र के कई अन्य गांवों की महिलाएं भी इससे जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।
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