- माझीडीह, कुबाडीह, पुरनानगर, महेशपुर और खाटंगा के किसान 100% कृषि जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हुए संगठित
- किसानों ने प्रशासन से मांगी सुरक्षा, भू-संपदा अधिग्रहण पर किया जोरदार विरोध
रांची : माझीडीह, कुबाडीह, पुरनानगर, महेशपुर, खाटंगा और डोमनडीह के प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उपायुक्त रांची मंजुनाथ भजंतरी को कृषि जमीन पर रोड निर्माण के लिए जमीन न देने संबंधी ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसान “कृषि जमीन जीवन-यापन का मुख्य आधार है”, “कृषि जमीन पर नया रोड निर्माण के लिए जमीन नहीं देंगे” और “अन्नदाता किसानों के साथ न्याय करो” जैसे नारे लगाते हुए अपने विरोध की आवाज बुलंद कर रहे थे। झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने बताया कि प्रभावित किसानों ने अपना दुख और चिंता ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों के समक्ष रखा।
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कृषि जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों का मुख्यमंत्री के समक्ष विरोध
किसानों ने बताया कि रोड निर्माण हेतु जबरन जमीन अधिग्रहण के प्रयास से किसान आक्रोशित हैं। भूमि अधिग्रहण की शर्तें जैसे 80 किसानों की सहमति, बाजार भाव से चार गुणा मुआवजा, या जमीन के बदले जमीन का प्रावधान लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। बुंडू-बंता चौड़ीकरण के नाम पर नोटिस जारी होने से किसानों में भय और चिंता बढ़ गई है। राज्य में मात्र 25 प्रतिशत कृषि जमीन उपलब्ध है और इसके अधिग्रहण से भविष्य में खाद्य संकट का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
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किसानों का आरोप: भूमि अधिग्रहण नियमों का उल्लंघन कर सरकार ने भूखंड लेने का प्रयास किया
ज्ञापन सौंपने के मौके पर महेशपुर ग्राम प्रधान अक्षय महतो, नारायण महतो, गोबिंद महतो, पशुपति महतो, शरत कुमार महतो, कुशल महतो, डिबाजन महतो, शंभुनाथ महतो सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे। किसानों ने प्रशासन से यह मांग की कि कृषि भूमि की रक्षा सुनिश्चित की जाए और किसानों की सहमति के बिना कोई अधिग्रहण न किया जाए। सुफल महतो ने चेतावनी दी कि अगर जबरन अधिग्रहण और रोड निर्माण की कार्रवाई हुई तो किसान तीखा विरोध करने को विवश होंगे।