जमशेदपुर: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में आपातकालीन सेवाओं की लगातार बिगड़ती स्थिति एक बार फिर सोमवार शाम सामने आई। डिमना लेक के पास बेसुध पाई गई एक बुजुर्ग महिला को इलाज में देरी के बाद नाराज विधायक सरयू राय के समर्थकों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया।
जानकारी के अनुसार, शंभूनाथ संस्था की सदस्य सुष्मिता सरकार को पता चला कि डिमना लेक के फुटबॉल मैदान के पास वृद्धा पिछले चार-पाँच दिनों से बेसुध पड़ी है। सुष्मिता उसी समय विधायक सरयू राय के कार्यालय में मौजूद थीं। उन्होंने तुरंत इस बात की जानकारी विधायक को दी।
विधायक ने एमजीएम अस्पताल से संपर्क कर महिला को भर्ती कर उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण काफी देर तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। दूसरी बार संपर्क करने पर शाम करीब 5.15 बजे एंबुलेंस आयी और महिला को अस्पताल लाया गया।

इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की कमी और बदइंतजामी साफ नजर आई। वार्ड ब्वॉय न होने के कारण मरीज को स्ट्रेचर पर वार्ड तक पहुंचाने में देर हुई। सुष्मिता ने डॉक्टरों से एंबुलेंस में ही मरीज की स्थिति देखने का आग्रह किया, लेकिन चिकित्सकों ने बाहर जाकर जांच करने से इनकार कर दिया।
करीब एक घंटे तक इलाज शुरू न होने पर सुष्मिता ने घटना की जानकारी विधायक सरयू राय को दी। इसके बाद नीरज सिंह समेत कई समर्थक अस्पताल पहुंचे और आपातकालीन सेवा में लापरवाही पर नाराजगी जताई।
अस्पताल अधीक्षक ने स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि मैनपावर की कमी के कारण कई बार ऐसी समस्याएं सामने आती हैं। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि डॉक्टर, नर्स और वार्ड कर्मचारियों की संख्या अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को कई बार पत्र भेजे गए हैं और उम्मीद है कि जल्द आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने से समस्या कम होगी।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं कब व्यवस्थित होंगी। आम जनता को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, नहीं तो एमजीएम की यह लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।
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