Jamshedpur : वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बिना श्राद्ध भोज के संपन्न हुआ रामप्रताप जी का श्राद्ध कर्म

  • आनंद मार्ग प्रचारक संघ ने श्राद्ध को बताया मानसिक शांति का माध्यम

जमशेदपुर : स्वर्गीय आनंदमार्गी रामप्रताप जी का श्राद्ध कर्म 4 जनवरी को आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से गदरा में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। स्वर्गीय रामप्रताप जी का निधन टेल्को अस्पताल, जमशेदपुर में हृदय गति रुकने से हुआ था। वे गदरा में जमीन दान देने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे, जिनकी दान की गई भूमि पर आज आनंद मार्ग जागृति स्थापित है। श्राद्ध अनुष्ठान का संचालन आचार्य ब्रजगोपालानंद अवधूत ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत ईश्वर प्रणिधान से हुई, जिसके पश्चात आचार्य द्वारा श्राद्ध मंत्रों का उच्चारण कराया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी सामूहिक रूप से वैदिक मंत्रों का जाप कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : दिशोम गुरू शिबू सोरेन मेमोरियल कप-2026: 10 व 11 जनवरी को होगा दो दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट

श्राद्ध आत्मा के लिए नहीं, कर्ता की मानसिक शांति के लिए

मंत्रोच्चार के दौरान “ॐ मधु वाता ऋतायते…” सहित वैदिक शांति मंत्रों का पाठ किया गया। इस अवसर पर आचार्य ब्रजगोपालानंद अवधूत एवं सुनील आनंद ने कहा कि श्राद्ध से विदेही आत्मा को कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं होता, बल्कि यह श्राद्ध करने वाले व्यक्ति की मानसिक शांति और संतुलन के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि शोक की स्थिति में स्वयं को अनावश्यक कष्ट देना या दिखावे के लिए बड़े आयोजन करना उचित नहीं है। आनंद मार्ग के सिद्धांतों के अनुसार शोक की अवधि 12 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए और इन्हीं 12 दिनों के भीतर सुविधानुसार किसी भी दिन श्राद्ध कर्म संपन्न किया जा सकता है। इस कारण श्राद्ध भोज का आयोजन नहीं किया गया।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन का सपरिवार वनभोज सह मिलन समारोह संपन्न

सर्वे भवन्तु सुखिनः के संदेश के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” मंत्र के साथ विश्व कल्याण की कामना की गई और शांति पाठ के माध्यम से अनुष्ठान का समापन हुआ। इस श्राद्ध कार्यक्रम में स्वर्गीय रामप्रताप जी के सुपुत्र दिवाकर देव भक्ति प्रधान, सुधीर आनंद, योगेश जी, अरुण वर्मा, शिव कुमार सिंह सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने सादगीपूर्ण श्राद्ध कर्म की सराहना करते हुए इसे आध्यात्मिक और अनुकरणीय बताया। कार्यक्रम का उद्देश्य आत्मशुद्धि, मानसिक संतुलन और समाज में सरल धार्मिक परंपराओं को बढ़ावा देना रहा।

Spread the love

Related Posts

Gua : सहचरी ग्रुप ने धूमधाम से मनाई रवींद्रनाथ टैगोर की 165 वीं जयंती

गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर भारत के राष्ट्रगान के लिए प्रेरणास्रोत रहे : संजय बनर्जी गुवा : गुवा के विवेक नगर स्थित दुर्गा मंडप प्रांगण में सहचरी ग्रुप की महिलाओं द्वारा गुरुदेव…

Spread the love

Jamshedpur : सोपोडेरा स्कूल में संदिग्ध परिस्थिति में छात्रा का शव मिलने से सनसनी

जमशेदपुर: शनिवार को सुबह परसूडीह थानांतर्गत सोपोडेरा स्थित राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में एक छात्रा का संदिग्ध परिस्थिति में शव मिलने से सनसनी फ़ैल गई। शव मिलने की सूचना पाकर…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time