जमशेदपुर: टाटानगर, जमशेदपुर की नंदिनी मिश्रा को दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में ‘आदियोगी योग भूषण सम्मान-2025’ से नवाज़ा गया है। यह सम्मान उन्हें योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। नंदिनी, शहर के जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता मनोज मिश्रा की पुत्री हैं। यह पुरस्कार उन्हें 15 जून को दिल्ली के लाजपत भवन ऑडिटोरियम में आयोजित योग महाकुंभ-2025 के दौरान प्रदान किया गया। इस आयोजन की मेज़बानी अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ एवं योगा करो डॉट कॉम ने संयुक्त रूप से की थी। देशभर से योग में विशेष योगदान देने वाले प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिनमें टाटानगर की नंदिनी भी प्रमुख रहीं।
योग साधना से वैश्विक मंच तक की यात्रा
नंदिनी वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर स्थित कायाकल्प एकेडमी में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंटरनेशनल योगा ऑर्गेनाइज़ेशन से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। साथ ही वर्ष 2025 में मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली से ‘फाउंडेशन कोर्स’ भी पूरा किया है। उनका इंस्टाग्राम अकाउंट ‘Yoga With Nandini’ योग के प्रचार-प्रसार का एक माध्यम बन चुका है, जिसके ज़रिए वे भारत ही नहीं, विदेशों में भी योग जागरूकता फैला रही हैं।
शिक्षा और पहचान: जमशेदपुर की परछाईं दिल्ली तक
नंदिनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बेल्डीह चर्च स्कूल, जमशेदपुर से पूरी की और आगे की पढ़ाई आईएमएस कॉलेज, नोएडा से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में की। योग को उन्होंने केवल व्यक्तिगत रुचि तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन का एक समर्पित माध्यम बना लिया। नंदिनी की इस उपलब्धि पर उनके पिता मनोज मिश्रा, जो रोटी बैंक के चेयरमैन भी हैं, ने हर्ष जताया। उनके पूरे परिवार और जमशेदपुरवासियों में गर्व का माहौल है। यह सम्मान केवल नंदिनी की उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड और खासकर जमशेदपुर के लिए गौरव का क्षण है।
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