Pahalgam Attack: भारत की जीरो टॉलरेंस नीति अब निर्णायक मोड़ पर, प्रधानमंत्री आवास पर हुई High level Meeting

नई दिल्ली: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले में 28 लोगों की जान गई, जिनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे. लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है. जांच में सामने आया है कि इसके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े हैं.

सरकार की प्रतिक्रिया स्पष्ट है – आतंक और उसके संरक्षकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

 

प्रधानमंत्री आवास पर सुरक्षा की उच्च स्तरीय समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले के बाद सुरक्षा रणनीतियों को लेकर उच्च स्तरीय बैठकें शुरू कर दी हैं. मंगलवार को उनके आवास पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ एक महत्त्वपूर्ण बैठक हुई.

सूत्रों के अनुसार बैठक में थल, जल और वायु – सभी सैन्य विकल्पों पर गहन विचार-विमर्श किया गया है. रक्षा मंत्री ने संकेत दिए हैं कि पर्दे के पीछे सक्रिय ताकतों को कड़ा जवाब मिलेगा. जम्मू-कश्मीर में सर्च ऑपरेशनों को तेज कर दिया गया है और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

 

कल प्रस्तावित है सीसीएस की एक और निर्णायक बैठक
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार (कल) को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक प्रस्तावित है. माना जा रहा है कि इस बैठक में पाकिस्तान के विरुद्ध सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर ठोस कार्रवाई की रूपरेखा तय की जाएगी. इस रणनीति का मकसद भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को और अधिक मजबूत करना है.

 

23 अप्रैल की CCS बैठक में लिए गए थे पांच बड़े निर्णय
23 अप्रैल को हुई पिछली CCS बैठक में केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ पाँच कठोर निर्णय लिए थे:

  1. 1960 की सिंधु जल संधि का निलंबन
  2. अटारी-वाघा बॉर्डर को बंद करना
  3. पाक नागरिकों के लिए सभी वीजा रद्द
  4. पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश
  5. इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास का बंद होना
    इन निर्णयों ने पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से हिला कर रख दिया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन फैसलों के बाद आपातकालीन राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक बुलाई है.

साथ ही पहलगाम हमले की वजह से सुरक्षा के मद्देनजर कश्मीर के 50 सार्वजनिक पार्क और गार्डेन को बंद कर दिया गया है. पर्यटकों को खतरे की आशंका के मद्देनजर कश्मीर के 87 सार्वजनिक पार्कों और उद्यानों में से 48 के गेट भी आज बंद कर दिए गए हैं.

 

NIA और सेना सतर्क, आतंकियों की जड़ तक पहुंचने की कोशिश
NIA की विशेष टीम इस हमले की साजिश और नेटवर्क को खंगाल रही है. जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने अनेक स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है. सेना को सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी रखने का आदेश दिया गया है.

 

वैश्विक मंचों पर भी पाक को घेरने की तैयारी
भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति अपनाई है. विदेश मंत्रालय कई देशों से संपर्क में है. नीदरलैंड जैसे देशों ने इस हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता प्रकट की है. भारत की ओर से पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डालने की मांग को समर्थन मिल रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत द्वारा भविष्य में सर्जिकल स्ट्राइक या इससे भी बड़े सैन्य अभियान की योजना बनाई जा सकती है, जिससे पाकिस्तान को दीर्घकालिक सबक सिखाया जा सके.

 

इसे भी पढ़ें : Pahalgam Attack: आतंकी हमले के बाद बड़ा सुरक्षा निर्णय, बंद हो रहे हैं रिज़ॉर्ट और पर्यटन स्थल 

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