पटमदा: पटमदा और बोड़ाम प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने ग्रामीण जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से किसान वर्ग इस बारिश से परेशान है। जहां धान की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को बीज डालने में समस्या हो रही है, वहीं सब्जी उत्पादक किसानों की खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं। खेतों में पानी भरने से कई गांवों में खेती-किसानी पूरी तरह ठप पड़ गई है।
बोड़ाम प्रखंड के कुईयायनी गांव में बुधवार की रात से हो रही तेज बारिश के कारण गुरुवार सुबह करीब पांच बजे सरला सिंह का मिट्टी का बना घर ढह गया। घर के अंदर सो रही उनकी दो बेटियां भगवती सिंह और प्रिया सिंह मलबे में दब गईं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मिट्टी हटाकर तीनों को बाहर निकाला।
घटना में सरला सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें टीएमएच (टाटा मेन हॉस्पिटल) में भर्ती कराया गया है, जबकि भगवती और प्रिया का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही झामुमो नेता विनय मंडल ने मामले को बोड़ाम अंचलाधिकारी रंजीत रंजन को बताया। अधिकारी ने तुरंत पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आपदा प्रबंधन राहत योजना के तहत लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। वर्तमान में तीनों घायलों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
लगातार बारिश से जहां अनेक खेत लबालब पानी से भर चुके हैं, वहीं जिन किसानों ने अभी बीज नहीं डाले थे, उनके लिए अब धान की खेती बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सब्जी उत्पादक किसान भी भारी नुकसान का सामना कर रहे हैं।
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