Ranchi: झारखंड राज्य किसान सभा आंदोलन के रास्ते पर, 13 अगस्त को मोदी-बाइडन के पुतले जलाने की तैयारी

मुरी:  झारखंड राज्य किसान सभा ने किसान मुद्दों पर जोरदार आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है। मुरी स्थित राज्य कार्यालय में अध्यक्ष सुफल महतो की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में किसान हित से जुड़े कई गंभीर विषयों पर चर्चा की गई। शुरुआत में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन के निधन पर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में महासचिव सुरजीत सिन्हा ने झारखंड के किसानों की स्थिति पर रिपोर्ट पेश करते हुए राज्य के ग्रामीण इलाकों में कृषि संकट की गंभीरता को रेखांकित किया।

इसके बाद निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
13 अगस्त को ‘कारपोरेट भारत छोड़ो दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के पुतले जलाए जाएंगे.
अमेरिकी उत्पादों के लिए खुला बाजार, स्मार्ट मीटर, ऊंची बिजली दरें, पुराने ट्रैक्टरों पर प्रतिबंध, डीएपी-यूरिया में सब्सिडी कटौती जैसे मुद्दों का विरोध होगा.
किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग प्रमुख रहेगी.

प्रचार और संगठनात्मक अभियान
9 से 12 अगस्त तक व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाएगा. 15 अगस्त को ‘किसान-मजदूर एकता दिवस’ के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया जाएगा. 9 अगस्त से शुरू होने वाला यह आंदोलन भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं वर्षगांठ पर आधारित होगा.

भूमि अधिग्रहण और सम्मेलन की घोषणा
भूमि कन्वेंशन की तारीख तय की गई:
15 सितंबर को दुमका,
16 सितंबर को रांची में आयोजन होगा.
यह कन्वेंशन जबरन भूमि अधिग्रहण, सीएनटी-एसपीटी एक्ट के उल्लंघन, जल-जंगल-जमीन की रक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगा.

किसानों की समस्याएं और सरकार पर सवाल
राज्य सरकार का दावा है कि 95% किसानों को धान का भुगतान कर दिया गया, जिसे किसान सभा ने भ्रामक बताया है. मांग की गई है कि सरकार जिलेवार सूची जारी करे. डीएपी की कीमतें 15 से 16 रुपये हो चुकी हैं, जबकि यूरिया की दरें अनियंत्रित हो गई हैं. मानसूनी बारिश से किसानों को नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए शीघ्र मुआवजा की मांग की गई है.

राज्यव्यापी स्थायी आंदोलन
किसान सभा ने निर्णय लिया है कि निम्न मुद्दों पर राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा:
एमएसपी की कानूनी गारंटी
जमीन अधिग्रहण और विस्थापन विरोध
वनपट्टा और कृषि ऋण माफी
सिंचाई व्यवस्था का विस्तार और नहरों में जल प्रवाह
हाथियों का आतंक

इस क्रम में अगस्त से लेकर दिसंबर तक पंचायत और अंचल स्तर के सम्मेलन होंगे. राज्य सम्मेलन 11-12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है.

 

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