जमशेदपुर: जमशेदपुर प्रखंड में पंचायत समिति सदस्यों के बीच वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत योजना और राशि के वितरण में भेदभाव, बंदरबाट और अनियमितताओं की जानकारी के लिए आरटीआई के तहत प्रखंड विकास पदाधिकारी से जवाब मांगा गया है. सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश कुमार ने इस मामले में सवाल उठाए हैं.
आरटीआई के तहत उठाए गए सवाल
कमलेश कुमार ने जन सूचना पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश से पांच सवालों का जवाब मांगा है. उन्होंने बताया कि जवाब देने के लिए ₹1166 प्रखंड विकास कार्यालय में जमा भी किए गए हैं. हालांकि, 10 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई उत्तर नहीं मिला है, जो संदेह को जन्म देता है.
मुख्य सवालों का विवरण
कमलेश कुमार द्वारा पूछे गए सवालों में शामिल हैं:
15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को दी गई राशि में प्रखंड विकास पदाधिकारी की भूमिका क्या है?
विकास कार्यों के लिए खर्च की गई राशि का विवरण, कार्य स्थल का नाम और संबंधित पदाधिकारियों के नाम क्या हैं?
कार्यों का क्षेत्र और कार्यकारी व्यक्ति का नाम क्या है?
15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि में से कितनी खर्च हो चुकी है और कितनी शेष है?
विकास कार्यों का संचालन और देखरेख करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारियां क्या हैं?
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
कमलेश कुमार ने कहा कि यदि सूचना का अधिकार उल्लंघन हुआ, तो राज्य सूचना आयोग से शिकायत की जाएगी. उन्होंने इस भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए जिला उपायुक्त से लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक मांग पत्र सौंपने की बात की है. जरूरत पड़ने पर आंदोलन करने का भी आश्वासन दिया गया है.
पंचायत समिति सदस्यों का विरोध
पिछले महीने प्रखंड विकास पदाधिकारी की उपस्थिति में हुई पंचायत समिति सदस्यों की बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 की योजनाओं के पारित होने पर सदस्यों ने इसका विरोध किया. बैठक में कुछ सदस्यों को केवल एक योजना मिली, जबकि अन्य को अधिक राशि दी गई, जिससे असमानता का मामला उठ खड़ा हुआ. इसके बाद प्रखंड विकास कार्यालय के समक्ष धरना देने की चेतावनी भी दी गई थी.
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