सरायकेला: सरायकेला जिले के चांडिल डैम के पास स्वर्णरेखा नदी में एक प्राचीन शिव जी की मूर्ति मिलने की खबर ने स्थानीय लोगों में उत्सुकता और श्रद्धा का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय मछुआ और आसपास के लोगों ने बताया कि मूर्ति पवित्र होने के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व की भी प्रतीत होती है।
मूर्ति की विशेषताएं और स्थान
मूर्ति के एक हाथ में टूट-फूट है और इसे फिलहाल पुराने शिव मंदिर परिसर में रखा गया है। लोगों का मानना है कि यह मूर्ति राजा विक्रमादित्य के समय की हो सकती है। मूर्ति की प्राचीनता और धार्मिक महत्व के कारण इसे देखने के लिए स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या जुट रही है।

स्थानीय श्रद्धा और पूजा-अर्चना
मूर्ति मिलने की खबर के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। लोग यहां पूजा-अर्चना कर रहे हैं और जल्द ही मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा युवा नेता आकाश महतो, मंदिर की पुजारी राजेंद्र पंडा, कांग्रेस नेता उपेंद्र गिरी, मिथुन रही दास और शशि मिश्रा समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।
ऐतिहासिक महत्व
चांडिल डैम के निर्माण से पहले इस क्षेत्र में कई प्राचीन मंदिर और मूर्तियाँ थीं, जो बाद में जलमग्न हो गई थीं। 1982 में डैम बनने के बाद यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाने लगा। अब यह नई मिली मूर्ति स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बन गई है और इसकी पूजा-अर्चना के लिए लगातार श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है।















































