- तेल कारोबारी की दुकान से महीनों तक चलता रहा फर्जीवाड़ा, ऑडिट में खुली पोल
जमशेदपुर : परसुडीह थाना क्षेत्र के कृषि उत्पाद बाजार समिति परिसर में स्थित तेल कारोबारी संजय शर्मा की दुकान से 44 लाख रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गबन को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि दुकान में कार्यरत एक भरोसेमंद कर्मचारी ने अंजाम दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब संजय शर्मा ने नियमित प्रक्रिया के तहत अपनी दुकान की ऑडिट कराई। ऑडिट रिपोर्ट में भारी वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद कारोबारी के होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत परसुडीह थाना में दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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भरोसे का फायदा उठाकर रची गई गबन की साजिश
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान अर्पित ऋषि के रूप में हुई है, जो सुंदरनगर के ब्यांगबिल हाड़तोपा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। अर्पित पिछले करीब पांच महीने से संजय शर्मा की दुकान में काम कर रहा था। उसे सामान की डिलीवरी, बिलिंग और रजिस्टर संधारण की पूरी जिम्मेदारी दी गई थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने गबन की साजिश रची। जानकारी के अनुसार, वह जिन जगहों पर सामान भेजने की जिम्मेदारी लेता था, वहां माल न पहुंचाकर उसे कहीं और खपा देता था। इसके बाद वह फर्जी बिल बनाकर दुकान में जमा कर देता था, जिससे लंबे समय तक मालिक को किसी तरह का शक नहीं हुआ।
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20 फरवरी के बाद बढ़ी धोखाधड़ी, आरोपी फरार
बताया जा रहा है कि 20 फरवरी 2025 के बाद आरोपी की नीयत पूरी तरह बदल गई थी। 20 फरवरी से 20 जुलाई 2025 के बीच उसने लगातार धोखाधड़ी करते हुए करीब 44 लाख रुपये का गबन कर लिया। औसतन वह हर महीने लगभग 9 लाख रुपये की हेराफेरी कर रहा था। जैसे ही उसे ऑडिट की भनक लगी, वह अचानक दुकान आना बंद कर फरार हो गया। परसुडीह पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे गबन नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।