- स्थानीय ग्रामीणों ने रोजगार में प्राथमिकता की मांग को लेकर जताया आक्रोश
- गुवा सेल प्रबंधन को चेतावनी दी
गुवा : राजाबुरु खदान को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय नेता राजेश सांडिल और मंगता सुरीन ने स्पष्ट किया कि यदि खदान चालू होने के बाद आसपास के गांवों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई, तो 13 फरवरी को गुवा सेल के जनरल ऑफिस के समक्ष आंदोलन किया जाएगा और प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिला, तो मजबूरन खदान का चक्का जाम किया जाएगा।
इसे भी पढ़ें : Gua : पांच दिवसीय यूथ क्रिकेट चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ, पापा 11 ने यंग बॉयज को हराया
ग्रामीणों की बैठक में रोजगार अधिकार पर जोर
इस संबंध में मंगलवार को छोटानागरा थाना क्षेत्र के जोजोगुटू गांव में सातों प्रभावित गांवों के मुंडा-मानकी और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजेश सांडिल, मंगता सुरीन, मुंडा सिंगा सुरीन, पूर्व जिला परिषद सदस्य बामिया मांझी, अमन चाम्पिया, नंदलाल सुरीन समेत अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि खदान क्षेत्र में रहने वाले युवक-युवतियों को रोजगार में प्राथमिकता देना उनका संवैधानिक और नैतिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ग्रामीणों की जमीन, जंगल और पर्यावरण से जुड़ा है, इसलिए स्थानीय लोगों का पहला हक बनता है। बैठक में बड़ी संख्या में मुंडा-मानकी और ग्रामीण उपस्थित थे और उन्होंने रोजगार सुनिश्चित कराने की पूर्ण प्रतिबद्धता जताई।