सकारात्मक परिणाम तक आंदोलन जारी रहेगा: प्रो० शशोधर महतो
मुरी : झारखंड के कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित आवासीय विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आज छठे दिन भी जारी है। शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 1 मई से लोक भवन के समक्ष शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे है
आंदोलनरत शिक्षकों को समर्थन देने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो धरनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपील की।
श्री महतो ने कहा कि अंशकालिक शिक्षक पिछले 10 वर्षों से पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अध्यापन कार्य कर रहे हैं। उनके अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि इन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम लगातार उत्कृष्ट, यहां तक कि कई बार 100 प्रतिशत रहा है। इसके बावजूद एक दशक बीत जाने के बाद भी शिक्षकों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शोषणकारी है।
न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप।
आंदोलनरत शिक्षकों ने आरोप लगाया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिवाकालीन पहाड़िया आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर अंशकालिक शिक्षकों के लिए एकमुश्त मानदेय निर्धारित करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन विभाग एवं सरकार द्वारा अब तक इस आदेश का पालन नहीं किया गया है।
बताते चलें कि शिक्षकों का सेवा विस्तार 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका है, जिससे राज्य के सैकड़ों शिक्षकों के समक्ष आजीविका एवं भविष्य को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
शिक्षक संघ के महासचिव प्रोफेसर शशोधर महतो ने जानकारी देते हुए कहा कि आज बुधवार को अपने लिखित मांगों को विभागीय मंत्रालय को सोपा गया है। जब तक सरकार हमारी मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से अविलंब हस्तक्षेप कर शिक्षकों की मांगों को पूरा करने की मांग की है।
बताते चलें की इस अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में प्रोफेसर सशोधर महतो, संदीप कुमार महतो, प्रतिमा कुजूर,पंकज कुमार, प्रदीप नाग, संदीप सिंह, अभिषेक नायक,नीरज कुमार,नमिता कुमारी आदि शिक्षक डटे हुए हैं।
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