
जमशेदपुर: जमशेदपुर में साकची के जुबली पार्क से साकची जाने वाली सड़क पर नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर एसडीएम शताब्दी मजूमदार द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के बाद हंगामा खड़ा हो गया. इस दौरान एसडीएम के आदेश पर कई गाड़ियों की हवा निकाली गई, जिससे बीजेपी नेताओं समेत आम जनता ने कड़ा विरोध जताया.
बीजेपी जिलाध्यक्ष का आरोप: हत्या की साजिश
बीजेपी जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा ने इस कार्रवाई को प्रशासनिक गुंडागर्दी करार देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं की हत्या की साजिश रची जा रही है. उनका कहना है कि नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर फाइन काटने का प्रावधान है, लेकिन गाड़ियों की हवा निकालना न केवल अनुचित है, बल्कि यह अधिकारों का दुरुपयोग है.
बैठक और सदस्यता अभियान के बीच बिगड़े हालात
घटना के समय बीजेपी का सदस्यता अभियान और बैठक चल रही थी. इस दौरान जिलाध्यक्ष और अन्य नेताओं की गाड़ियों की हवा निकाली गई, जिससे नेता भड़क गए और कार्यपालक दंडाधिकारी सुजीप्त राज और एसडीएम के साथ तीखी झड़प हुई. हालात बिगड़ने पर एसडीएम मौके से चली गईं.
आम जनता भी नाराज
एसडीएम की कार्रवाई से आम जनता भी नाराज है. लोगों का कहना है कि नो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों पर फाइन लगाया जा सकता है, लेकिन उनकी हवा निकालने से लोगों को और ज्यादा परेशानी होती है. घटना के दौरान एक कार में बैठी महिला मरीज ने जब इस कार्रवाई का विरोध किया, तो उसकी गाड़ी की हवा और निकाल दी गई, जिससे महिला रोने लगी.
एसडीएम का पक्ष: जाम से मुक्ति के लिए सख्त कदम
एसडीएम शताब्दी मजूमदार का कहना है कि शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. उनका कहना है कि जनता का सहयोग मिल रहा है, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं.
आगे की रणनीति
बीजेपी ने इस कार्रवाई के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है. पार्टी का कहना है कि प्रशासन को अपनी कार्यशैली में बदलाव करना चाहिए और जनता के साथ उचित व्यवहार करना चाहिए. शहर को जाम से मुक्त करने का उद्देश्य सही है, लेकिन इसके लिए अपनाए गए तरीके पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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