Jamshedpur : बाल मेले में अमर सेन के छाया नाटक का जादू, अद्भुत प्रस्तुति से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

  • हैंड स्टेडोग्राफी के अनोखे प्रदर्शन ने जीता दर्शकों का मन, बच्चों व अभिभावकों में दिखा खास उत्साह

जमशेदपुर : साकची में आयोजित चतुर्थ बाल मेले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैंड स्टेडोग्राफर अमर सेन ने अपनी अनोखी छाया कला से दर्शकों को अचंभित कर दिया। शो की शुरुआत में उन्होंने ‘स्मॉल इंपॉसिबल’ और ‘इंपॉसिबल’ के दो रोचक उदाहरण देकर लोगों को चकित किया। उन्होंने दर्शकों से तर्जनी और छोटी उंगली को अलग-अलग हिलाने का टास्क दिया, जिसे कोई नहीं कर सका। फिर ‘इंपॉसिबल’ में दाहिने पैर का एड़ी जमीन पर रखकर उंगलियों को ऊपर करके 6 बनवाने को कहा, जो लोगों से नहीं हो पाया और हर बार 9 ही बनता रहा। इसके बाद उन्होंने महुआ चक्रवर्ती के हाथों से चिड़िया और सुधीर चौरसिया के हाथों से कुत्ते का चेहरा बनवाया। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने हाथी, कुत्ते, समुद्री लहरें, केकड़ा, बूढ़ा आदमी, बातें करते दो लोग, भूत, शेर और फुंफकारता सांप जैसी अद्भुत आकृतियाँ बनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसे भी पढ़ें : Gua : नोवामुंडी माइंस में आयोजित फर्स्ट एड ट्रेड टेस्ट: कई माइंस टीमों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

अमर सेन की अनोखी छाया कला क्यों है खास

बाल मेले में आयोजित इंस्ट्रूमेंटल प्रतियोगिता में भी बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में रुद्राक्ष देव ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। अनिकेत चौधरी द्वितीय और मार्शल टुडू तृतीय स्थान पर रहे। विजेताओं को सुबोध श्रीवास्तव, आशुतोष राय और अभय सिंह ने मंच पर सम्मानित किया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों के उत्साह और संगीत के प्रति उनकी लगन देखते ही बन रही थी। बाल मेले का माहौल कला, संगीत और उत्साह से भरा रहा, जहां सभी आयु वर्ग के लोग शामिल होकर बच्चों को प्रोत्साहित कर रहे थे।

Spread the love

Related Posts

Gua : ठेका श्रमिकों के वेतन व श्रेणी को लेकर विवाद, प्रबंधन ने जांच के लिए मांगा समय

गुवा : गुवा खदान क्षेत्र में ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान और श्रेणी निर्धारण को लेकर यूनियन और प्रबंधन के बीच विवाद सामने आया है। जिनको लेकर 21 अप्रैल मंगलवार…

Spread the love

Jamshedpur : सुरभि के अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में दिग्गज कवियों ने हास्य व्यंग्य की फुहारों से श्रोताओं को किया सराबोर

कवि सम्मेलन से सांस्कृतिक चेतना सशक्त होती है और नई पीढ़ी को साहित्य से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है : काले जमशेदपुर : साहित्य, कला और संस्कृति को समर्पित संस्था…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time