Mental Health: आयुष्मान भारत योजना में मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर, अब तक खर्च किए जा चुके हैं 87 करोड़ रुपये

नई दिल्ली: देश भर में सरकार मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं और पहलों पर काम कर रही है.आयुष्मान भारत योजना के तहत मानसिक विकारों को कवर करने वाले स्वास्थ्य लाभ पैकेज (एचबीपी) का विस्तार किया गया है. यह योजना मानसिक दिव्यांगता, सिज़ोफ्रेनिया, ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकार जैसे विकारों के इलाज के लिए 22 चिकित्सीय प्रक्रियाएं प्रदान करती है. 27 चिकित्सा विशेषताओं में 1961 चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के तहत 87 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिससे लाखों लाभार्थियों को कैशलेस उपचार मिल रहा है.

 

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) और जिला स्तर पर सुविधाएं

सरकार ने देशभर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इसके तहत 767 जिलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) लागू किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में बाह्य रोगी सेवाएं, परामर्श, निरंतर देखभाल, और 10 बिस्तरों वाली इन-पेशेंट सुविधाएं शामिल हैं.

 

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा स्तर पर सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने 1.75 लाख से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों (एसएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में परिवर्तित किया है. इनमें मानसिक और तंत्रिका संबंधी विकारों की देखभाल के लिए भी विशेष पैकेज उपलब्ध कराए गए हैं.

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञताओं में सुधार

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में तृतीयक देखभाल की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सरकार ने 25 उत्कृष्टता केंद्रों को मंजूरी दी है. इसके साथ ही 47 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञताओं में पीजी विभागों को सहयोग प्रदान किया गया है.

डिजिटल अकादमियों और टेली मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं

सरकार ने वंचित क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए 2018 से डिजिटल अकादमियां स्थापित की हैं. इन अकादमियों के माध्यम से 42,488 पेशेवरों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है. इसके अलावा, 10 अक्टूबर 2022 को “राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम” भी शुरू किया गया, जिसके तहत 53 टेली मानस प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं.

राष्ट्रीय टेली मानस मोबाइल एप्लिकेशन

2024 में, सरकार ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर “टेली मानस मोबाइल एप्लिकेशन” लॉन्च किया. यह एप्लिकेशन मानसिक स्वास्थ्य और विकारों से जुड़ी समस्याओं के लिए सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है, जिससे अधिक लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके.

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