रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के 46वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विपक्षी पार्टियों पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि धर्म, संप्रदाय और जाति के नाम पर नफरत फैलाने वाली ताकतों से सावधान रहना जरूरी है.
“विभाजनकारी ताकतों को देना होगा एकजुट जवाब”
मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे पर्व-त्योहार के अवसर पर समाज में विघटन फैलाने वालों को एकजुटता के साथ जवाब दें. उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आदिवासी, दलित सभी की एकता ही झारखंड की असली पहचान और ताकत है.
डबल इंजन सरकार पर सीधा वार
सीएम सोरेन ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य में डबल इंजन की सरकार थी, तब लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन्होंने झारखंड के गठन का विरोध किया था, वही पार्टियां लंबे समय तक यहां सत्ता में बनी रहीं. “झामुमो ने कठिन संघर्ष के बाद 2019 में उन्हें सत्ता से बाहर किया.”
“राजनीतिक साजिश के तहत भेजा गया जेल”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2019 में सरकार बनने के बाद केंद्र के इशारे पर उन्हें लगातार पांच वर्षों तक परेशान किया गया और झूठे आरोपों के तहत जेल में डालने की साजिश रची गई. उन्होंने कहा, “अगर मैं लोकसभा चुनाव के दौरान जेल से बाहर होता, तो भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलती.”
“हर चेहरे पर लानी है खुशहाली”
हेमंत सोरेन ने कहा कि झामुमो आंदोलनकारियों के खून-पसीने से बनी पार्टी है और उसका लक्ष्य है – हर चेहरे पर मुस्कान लाना. उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के बैंक खातों में सीधी सहायता, बुजुर्गों के लिए पेंशन और अन्य वादों को जमीन पर उतारने का कार्य जारी है.
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