रांची: रांची के मोरहाबादी में स्थित सब्जी बाजार सप्ताह में विशेष रूप से बुधवार और शनिवार को भीड़ से गुलजार रहता है. लेकिन अन्य दिनों में भी दुकानदार अपनी दुकानें लगाते हैं. बुधवार की देर रात लगभग 12 बजे नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने इस बाजार में कार्रवाई की. टीम ने कई दुकानों को हटाया और नुकसान पहुंचाया. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब पूरा इलाका नींद में डूबा था.
सुबह से सड़क जाम, विरोध में उतरे दुकानदार
गुरुवार सुबह होते ही आक्रोशित दुकानदारों ने मोरहाबादी बाजार की सड़क को जाम कर विरोध शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के आधी रात को उनकी आजीविका पर हमला किया गया.
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कुमार रौशन ने कहा,
“जब सब लोग घरों में थे, तब पुलिस और निगम की टीम आकर दुकानों को तोड़ गई. गरीबों की रोजी-रोटी पर यह हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
स्वरोजगार को धक्का, सरकार से सवाल
एक महिला दुकानदार ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्वरोजगार बढ़ाने के लिए लोन योजना चला रहे हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर प्रशासन गरीबों पर अत्याचार कर रहा है. उन्होंने कहा,
“पुलिस केवल छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई करती है, जबकि बड़े व्यापारी बेखौफ अपना काम कर रहे हैं.”
दुकानदारों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उन्हें मुआवज़ा नहीं दिया गया और ऐसी कार्रवाई दोबारा हुई तो वे आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो जाएंगे.
वर्षों से लग रही दुकानों पर चला हथौड़ा
फल विक्रेता विजय मेहता ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा,
“हम कई वर्षों से यहां छोटी-छोटी दुकानें लगाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं. अगर इसी तरह हमारी दुकानें तोड़ी जाती रहीं, तो हम भूखे मर जाएंगे.”
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वे इस मसले पर संवेदनशीलता दिखाएं और ऐसे कदमों पर रोक लगाएं.
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