Jamshedpur : टुइलाडूंगरी दुर्गा पूजा पंडाल तैयारियों के अंतिम चरण में, जंगल बचाव का दे रहा संदेश

  • 26 सितम्बर को परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा करेंगे उद्घाटन

जमशेदपुर : सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमिटी टुइलाडूंगरी का भव्य पूजा पंडाल इस बार जंगल बचाव और आदिवासी संस्कृति का संदेश दे रहा है। पूजा कमिटी के महासचिव दिनेश कुमार ने बताया कि पंडाल निर्माण में झारखंड की प्राकृतिक धरोहर और जंगल से जुड़ी चीजों का उपयोग किया गया है। पेड़ की छाल, रस्सी, नारियल का छिलका, धान, टोकरी जैसी सामग्रियों से बंगाल से आए कारीगरों ने बारीकी से सजावट की है। पंडाल के प्रवेश द्वार पर बने दो विशाल हाथ इसकी शोभा को और आकर्षक बना रहे हैं। इस बार की थीम पूरी तरह से जंगल संरक्षण और आदिवासी परंपराओं को दर्शाती है।

इसे भी पढ़ें : Galudih : स्व. अर्जुन हांसदा के श्राद्ध कार्य में पहुंचे झामुमो नेता सोमेश चन्द्र सोरेन

आदिवासी संस्कृति और मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा बनेगी आकर्षण का केंद्र

पूजा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा विशेष रूप से बनाई गई है, जिसमें मां अपने सवारी शेर पर सवार हैं। मूर्तिकारों ने शेर की आकृति को भव्य रूप देकर प्रतिमा की अद्वितीयता को और बढ़ा दिया है। पंडाल परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है, जहां छोटे-बड़े झूले और मेले का भी आयोजन किया गया है। आजादी से पहले से यहां पूजा होती आ रही है, लेकिन 1998 से इस पूजा ने एक अलग भव्य रूप ले लिया और अब यह जमशेदपुर के प्रमुख आयोजनों में गिनी जाती है। पूर्व में यहां शांता दुर्गा टेंपल ऑफ गोवा, नौलखा मंदिर और टोकरी से निर्मित पंडाल जैसी थीम आधारित रचनाएं की गई थीं।

इसे भी पढ़ें : Ghatsila : घाटशिला पंचायत के राजस्टेट में दो दिवसीय कैरमबोर्ड प्रतियोगिता का शुभारंभ

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, उद्घाटन करेंगे मंत्री दीपक बिरुवा

पूजा कमिटी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वालंटियर बैच भी निर्गत किए जा रहे हैं। उद्घाटन 26 सितम्बर को संध्या 8 बजे राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के हाथों होगा। पूजा की तैयारियों में मुख्य संरक्षक राजू गिरी, अध्यक्ष मिथिलेश सिंह यादव, महासचिव दिनेश कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा है। यह पूजा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश देने का भी माध्यम बन चुकी है।

Spread the love

Related Posts

Gua : मनोहरपुर से बड़ाजामदा तक जीर्णोद्धार के बाद  चकाचक हुई सड़क, आवागमन हुआ सुगम

सड़कें रोजगार सृजन में प्रमुख भूमिका निभाती हैं : राजू सांडिल गुवा :  सड़कें किसी भी राष्ट्र की जीवनरेखा हैं, जो आर्थिक विकास, सामाजिक जुड़ाव और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी के लिए…

Spread the love

Bahragora : सपनों का सफर बना आखिरी सफर, घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गई मां की गोद

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के छोटा आसानबनी गांव में उस वक्त खुशियां मातम में बदल गईं, जब केरल से मजदूरी कर घर लौट रहे 28 वर्षीय कार्तिक मुंडा का पार्थिव शरीर…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time