बहरागोड़ा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बहरागोड़ा के काली संघ मैदान में रविवार को हर्षोल्लास के साथ शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भव्य पथ संचलन निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया। पथ संचलन मैदान से शुरू होकर पूरे बाजार क्षेत्र का परिभ्रमण कर पुनः मैदान में संपन्न हुआ।
समापन समारोह में जमशेदपुर विभाग प्रचारक सत्य प्रकाश ने संघ के 100 वर्ष के सफर और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत ने स्वर्णिम काल और कठिन दौर दोनों देखे हैं। अंग्रेजों के शासन में राष्ट्रीय स्वाभिमान को जगाने के लिए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने सन 1925 में नागपुर में संघ की स्थापना की।
सत्य प्रकाश ने बताया कि संघ का प्रयास 100 वर्षों से यह है कि समाज के सभी भेदभाव भुलाकर एक संगठित हिंदू समाज बनाकर देश की सर्वांगीण उन्नति और विश्व कल्याण में योगदान दिया जाए।
पाँच प्राणों पर समाज जागरण
विभाग प्रचारक ने बताया कि वर्तमान में संघ पाँच महत्त्वपूर्ण प्राणों पर समाज जागरण का कार्य कर रहा है:
- प्रकृति संरक्षण: प्रकृति सुरक्षित रहे तभी मानव सुरक्षित रहेगा।
- संयुक्त परिवार व्यवस्था: अच्छे नागरिक और सुव्यवस्थित समाज का निर्माण।
- समर्थ समाज निर्माण: छुआछूत और भेदभाव हटाकर सक्षम समाज।
- नागरिक कर्तव्य बोध: अधिकार के साथ कर्तव्य का पालन।
- समाज में जागरूकता और एकता।
सत्य प्रकाश ने कहा कि आज देश सामरिक दृष्टि से मजबूत और आत्मविश्वास से परिपूर्ण है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और धारा 370 हटाने को समाज के एकजुट और स्वाभिमानी बनने का प्रतीक बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 100 वर्ष की संघ यात्रा से समाज परिवर्तन का सुंदर वातावरण दिखाई देगा।
इस अवसर पर विभाग कार्यवाह मनोज कुमार गिरी, घाटशिला जिला सह संघ चालक आनंद अग्रवाल, बहरागोड़ा खंड कार्यवाह हरिहर माहिती, अर्धेन्दु पहराज, गौरांग घोष, गौरव पुष्टि, ऋषि षाड़ंगी, बापत्तू साउ, मानिक मंडल, संजय पहराज सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित थे।
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