सरायकेला: उत्कलमणि आदर्श पाठागार, सरायकेला के नाटक भवन में महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास की जन्म जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के पूर्व उपाध्यक्ष सह कार्यकारिणी सदस्य सुदीप पटनायक ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गोपबंधु दास का जन्म 9 अक्टूबर 1877 को ओडिशा के पुरी जिले के सुआँडो गाँव में हुआ था। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे। उन्होंने ओड़िया भाषा और संस्कृति को एकजुट करने का प्रयास किया तथा अखंड ओडिशा के गठन के लिए लगातार संघर्ष किया। पंडित गोपबंधु दास ओड़िया समाचार पत्र “समाज” के संस्थापक भी थे, जिसने समाज में जागरूकता फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
कार्यकारी सचिव जलेश कबी ने कहा कि गोपबंधु दास केवल एक नेता ही नहीं, बल्कि गहन संवेदना वाले कवि भी थे। उनकी कविताएँ ओड़िया समाज को एक सूत्र में बाँधने का माध्यम बनीं। उन्होंने कहा कि यदि हम उनके विचारों और मूल्यों पर चलें, तो एक स्वच्छ, समरस और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। ओड़िया भाषा और परंपरा के संरक्षण-संवर्धन में उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए आगे एक भव्य स्मृति समारोह आयोजित करने पर विचार किया। सभी ने उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गोपबंधु चौक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। सदस्यों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर भोला महंती, काशीनाथ कर, तरुण भोल, शक्ति कुमार पति, सुभाष साहू, चक्रधर महंती, रितेश आचार्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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