पोटका: हरगौरी पूजा के शुभ अवसर पर, 23 अक्टूबर को रात 9 बजे एदल गांव में गांव के न्यू गौरांग ऑपेरा द्वारा डॉ. तापस कुमार रचित बंगला यात्रा “ज्वॉलछे चिता बाजछे सनई” का सफल मंचन किया गया। यात्रा का शुभारंभ धूप-दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर साहित्यकार और समाजसेवी सुनील कुमार दे तथा भक्त शिल्पी कमल कांति घोष ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
सुनील कुमार दे ने कहा कि बंगला यात्रा के माध्यम से बंगला भाषा और संस्कृति को बचाने का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने एदल गांव के कलाकारों को तहेदिल से धन्यवाद दिया और सभी से अपनी भाषा, संस्कृति और धर्म पर गर्व करने तथा इसे संरक्षित करने का आग्रह किया। कमल कांति घोष ने कहा कि अगर हमारी भाषा, संस्कृति और परंपरा समाप्त हो जाएँगी, तो हमारी पहचान भी समाप्त हो जाएगी। इसलिए इनकी रक्षा करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
यात्रा का निर्देशन अंग्शुमान साहू और राधा रमन दास ने किया, जबकि संचालन की जिम्मेदारी आनंद साहू और सुदीप मुखर्जी ने संभाली। संगीत का प्रबंध मा सारदा ड्रेस हाउस, पश्चिम बंगाल की ओर से किया गया। महिला पात्रों में सारदा ड्रेस हाउस के कलाकारों ने और पुरुष पात्रों में राजकुमार साहू, अंग्शुमान साहू, राधा रमन दास ने मुख्य भूमिका निभाई।
इस अवसर पर एदल गांव के मुखिया मृणाल पाल, संजय साहू, शैलेन्द्र प्रामाणिक, प्रशांत दे, तरुण दे, दिलीप दे, अर्जुन मोदी, रामु साहू, पतित पावन दास, प्रवीर दास, मिथुन साहू, भास्कर दे, स्वपन दे सहित विभिन्न गांव के यात्रा प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। बंगला यात्रा का यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक उत्सव रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए लोक शिक्षा और संस्कृति का संदेश भी लेकर आया।