चक्रधरपुर: सोनुवा प्रखंड के गोबिन्दपुर पंचायत के पुनीपदा गांव में आदिवासी ‘हो’ समाज के ग्रामीणों ने प्राकृतिक आस्था स्थल देशाऊली पर गैर आदिवासियों और हिन्दुओं द्वारा छेड़छाड़ और धार्मिक अतिक्रमण करने के विरोध में आक्रोश बैठक बुलायी। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ गैर आदिवासी और कुम्हार, प्रधान समाज के लोग देशाऊली के वृक्षों पर लाल और पीले कपड़े बाँधकर सूता लगाते रहे। साथ ही असामाजिक तत्व शाम को वहाँ शराब और बीड़ी-सिगरेट का अड्डा बना रहे थे, जिससे यह धार्मिक स्थल अपवित्र हो रहा था।
बैठक में आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। बैठक के बाद देशाऊली स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गैर आदिवासियों द्वारा वृक्षों पर लगाए गए कपड़े और सूता ससम्मान हटाए गए।
युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने ग्रामीणों को स्पष्ट निर्देश दिए कि देशाऊली का सुरक्षा और संरक्षण ग्रामीणों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी गैर आदिवासी, हिन्दू, मुस्लिम या ईसाई के प्रवेश से यह स्थल धार्मिक रूप से अपवित्र हो सकता है। ग्रामीणों ने इस मामले में चक्रधरपुर एसडीओ, अंचल के सीओ और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
सामाजिक जागरूकता से प्रेरित होकर ग्रामीणों ने देशाऊली स्थल की सुरक्षा के लिए बाँस से घेराबंदी करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी योजना के तहत देशाऊली स्थल पर चारदीवारी निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन गांव में आपसी तालमेल की कमी के कारण प्रक्रिया में प्रगति नहीं हो पाई।
इस अवसर पर युवा महासभा के जिला सचिव ओयबन हेम्ब्रम, ‘हो’ भाषा शिक्षक रामधन चाकी, बोयका ग्रामीण मुण्डा जॉन अंगरिया, राजू होनहागा, सदन होनहागा, राम होनहागा, दामोदर गागराई, गुलशन गागराई, अन्य दर्जनों ग्रामीण और समिति सदस्य मौजूद थे।
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