जमशेदपुर: हाल ही में एमजीएम अस्पताल परिसर में संचालित दाल-भात केंद्र द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक स्थान घेरने का मामला प्रकाश में आया था.
शनिवार को हुई बैठक में फ़िलहाल दाल-भात केंद्र के निर्माण कार्य को रोक दिया गया है. अवैध रूप से स्थान घेरने के कारण अस्पताल के पावर प्लांट की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गया था.
मामले की जाँच हेतु अस्पताल के नोडल ऑफिसर संतोष गर्ग, मानगो अंचल के सीओ तथा बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद संतोष गर्ग ने कहा कि जब तक इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक व बिजली विभाग की ओर से कोई फैसला नहीं आ जाता, तब तक निर्माण कार्य बंद रहेगा। नोडल ऑफिसर ने निर्माण स्थल से किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ न करने की सख़्त चेतावनी भी दी.
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पावर प्लांट तक पहुंचने के लिए 10 से 12 फीट चौड़ा रास्ता होना जरुरी है। यदि किसी आपात स्थिति में पावर प्लांट तक पहुंच संभव नहीं होगी तो अस्पताल की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए रास्ता अवरुद्ध नहीं किया जा सकता।
प्रस्तावित दाल-भात योजना के तहत अस्पताल आने वाले जरूरतमंद मरीज और उनके परिजन सिर्फ पांच रुपये में दाल, भात और सब्जी का भोजन पा सकते थे। यह सेवा हर दिन दोपहर 12 से 3 बजे तक चलनी थी। लेकिन मार्ग विवाद और सुरक्षा संबंधी आपत्तियों के कारण फिलहाल यह योजना अटकी हुई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी विभागों की सहमति के बाद ही कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
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