सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ के चौथे दिन जिले के 19 ग्राम-पंचायतों और नगर निकाय क्षेत्रों में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई। अब तक जिले में 15,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों, बीडीओ और सीओ को निर्देशित किया है कि सभी प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
कहाँ-कहाँ लगे शिविर
आज के शिविर सरायकेला प्रखंड के पांडरा और मुंडाटांड, खरसावां प्रखंड के सिमला और चिलकू, कुचाई प्रखंड के बन्दोंलोहार, राजनगर प्रखंड के गम्हरिया और जुमाल, गम्हरिया प्रखंड के बिरबांस, दुगनी और टेंटोपोशी, चांडिल प्रखंड के चौका, चावलीबासा और खूंटी, इचागढ़ प्रखंड के देवलटांड और नदीसाई, नीमडीह प्रखंड के लुपुंगडीह और बडेदा तथा कुकड़ू प्रखंड के लेटमदा और ओड़िया पंचायत में आयोजित किए गए। इसके अलावा नगर निकाय क्षेत्रों के विभिन्न वार्डों में भी शिविर आयोजित किए गए।
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कौन-कौन सी सेवाएँ मिली ग्रामीणों को
शिविरों में नागरिकों ने आय, जाति, आवासीय, जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र, दाखिल–खारिज, राशन कार्ड, भूमि धारण प्रमाण पत्र, भूमि मापी, दिव्यांग, विधवा एवं वृद्धा पेंशन, झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत विभिन्न सेवाएँ और कई कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवेदन जमा किए। साथ ही SHG/क्लस्टर सदस्यों को आईडी कार्ड भी वितरित किए गए।
21 से 29 नवंबर तक चल रहे इस अभियान में जिलेवासियों की सक्रिय भागीदारी लगातार जारी है।
विधायक ने दी मार्गदर्शन और प्रेरणा
नीमडीह प्रखंड के पंचायत भवन बडेदा में आयोजित शिविर में ईचागढ़ विधायक सविता महतो उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान सरल, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
विधायक ने ग्रामीणों से अपील की कि वे उपलब्ध स्टॉलों से योजनाओं की जानकारी लें, अपनी पात्रता अनुसार आवेदन जमा करें और अपने आसपास के वंचित परिवारों को भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी कार्यक्रम तभी सार्थक होते हैं जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इनसे जुड़कर लाभान्वित हो।
इस दौरान विधायक ने विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित लाभुकों को परिसंपत्तियाँ वितरित की और योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।