मुरी : सिल्ली के पतराहातु स्कूल मैदान में विधानसभा स्तरीय बा परब (सरहुल) मिलन समारोह आयोजित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रेम शाही मुंडा ने उपस्थित हुए आदिवासियों को सशक्तिकरण एवं अधिकार के प्रति जागरुकता एवं चेतना को लेकर कहा कि जनसंख्या गणना हो रही है अगर आदिवासी को सरना कोड नहीं मिला तो हमें हिन्दू राष्ट्र मंजुर नहीं। बल्कि आदिवासी राष्ट्र चाहिए।आदिवासी है तो पर्यावरण है। इसे पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। वही विशिष्ट अतिथि के रूप में ज्योसना केरकेट्टा ने कहा कि हमने बाहरी-भीतरी, मुलवासी सभी को गले लगाया, पर आज आदिवासी को देखे कहां खडा़ है। इसलिए आदिवासी जागो और सवाल करना सीखो। वही अन्य अतिथियों ने कहा कि इतिहास सबको कुछ न कुछ जानना चाहिए, इतिहास से सबक लेना चाहिए। बाबा साहेब गरीब, कमजोर, को हमेशा पढने की बात की है। आज बाबा साहेब के लिखे संविधान के कारण हमे पढने का अधिकार मिला। शिक्षा के आभाव में हमें लुटा जा रहा था। मिलन मंच से शिला उरांव, लक्ष्मी मुंडा, विश्वनाथ मुंडा , करम मुंडा, अजय सिंह मुंडा, सिदाम सिंह मुंडा, सीताराम मुंडा, मंगल सिंह मुंडा, आदित्य सिंह मुंडा, बोध मुंडा, अनिल मुंडा, द्रौपदी मुंडा, शिव जन मुंडा, संदीप मुंडा, रामनाथ मुंडा, पंचानन मुंडा संतोष मुंडा, निपेन मुंडा, समुद्र सिंह मुंडा, हेमन्त पातर मुंडा, आदि उपस्थित रहे। मिलन समारोह के पूर्व सरना स्थल पर साल वृक्ष की पूजा आदिवासी ढोल नगाड़े के गुंज एवं रीति रिवाज एवं परम्परा के अनुसार पाहन रामनाथ, पाहन पंचानन, लछमण पाहन, दिलीप पाहन लोटा से पानी भर कर वृक्ष को समर्पित किया। अग्नि को समर्पित किया गया। सरहुल आखडा में धुम धाम से आदिवासी नृत्य को प्रस्तुत किया गया। लोग नृत्य से सरोवार थे।
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