Deoghar: पुलिस हिरासत में मौत पर सख्त कार्रवाई, दो थानेदार सस्पेंड

देवघर: देवघर जिले के पालोजोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत दुधानी गांव निवासी मो. मिराज (28) की पुलिस कस्टडी में हुई संदिग्ध मौत के मामले में संताल परगना डीआईजी अंबर लकड़ा ने कड़ी कार्रवाई की है. जोनल आईजी क्रांति कुमार के निर्देश पर डीआईजी ने देवघर जिले के पालोजोरी थाने के प्रभारी प्रभात कुमार और सारठ थानेदार सूरज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

दोनों थानेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चलाई जाएगी. वहीं साइबर थाना, देवघर के इंस्पेक्टर सहदेव प्रसाद की भूमिका की जांच के निर्देश दिए गए हैं. यदि जांच में उनकी संलिप्तता पाई जाती है तो उन्हें भी निलंबन झेलना पड़ेगा.

डीआईजी ने जताई सख्त आपत्ति
डीआईजी अंबर लकड़ा ने स्पष्ट रूप से कहा कि मिराज से पूछताछ से पूर्व उसकी चिकित्सकीय जांच नहीं कराना घोर लापरवाही है. यह पुलिस मैन्युअल के विरुद्ध है.

पालोजोरी और सारठ थाने की पुलिस ने बिना किसी चिकित्सकीय परीक्षण के मनमाने ढंग से पूछताछ की. यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह उनके कर्तव्य के प्रति असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है. दोनों थानेदार अपने मातहतों पर नियंत्रण रखने में विफल रहे हैं.

इन्हीं आधारों पर दोनों को निलंबित किया गया है.

अल्पसंख्यक आयोग ने लिया था स्वतः संज्ञान
घटना को गंभीर मानते हुए झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया था. आयोग की पांच सदस्यीय टीम मृतक के गांव पहुंची और मौके की जांच की.

इस टीम में आयोग के उपाध्यक्ष प्राणेश सॉलोमन (राज्य मंत्री दर्जा), ज्योति सिंह मथारू, इकरारूल हसन, सबिता टूडू और कारी बरकत अली शामिल थे.

टीम ने देवघर के संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की और पूरे मामले की समीक्षा की. आयोग की प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि मो. मिराज की मौत पुलिस हिरासत में हुई थी. हालांकि मौत के सही कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है.

पुलिस पर बर्बरता के आरोप
जांच के दौरान कई चश्मदीदों ने बताया कि पुलिस ने मिराज को गांव से बिना किसी स्पष्ट आरोप के उठा लिया था और खुलेआम उसकी बर्बर पिटाई की.

इस अमानवीय कार्रवाई की कई लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से पुष्टि की है. इस पूरे मामले में पालोजोरी, सारठ और साइबर थाना पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

अल्पसंख्यक आयोग जल्द ही अपनी रिपोर्ट और अनुशंसा सरकार को सौंपेगा. उससे पहले ही डीआईजी ने अनुकरणीय कदम उठाते हुए दो थानेदारों को सस्पेंड कर दिया है और तीसरे अधिकारी पर जांच बैठा दी गई है.

 

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