जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने धनबाद जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए विधानसभाध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि 8 सितंबर तक दरिदा की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आश्वासन सरकार ने सदन में दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राय ने उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और बाघमारा अंचल अधिकारी पर विधानसभा की अवमानना और विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाया है।
सरयू राय ने याद दिलाया कि 28 अगस्त को मानसून सत्र में राजस्व मंत्री ने खुद सदन को भरोसा दिलाया था कि दरिदा मौजा की जमीन से अतिक्रमण 8 सितंबर तक हटा दिया जाएगा। इसके लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की बात भी कही गई थी।
राय के मुताबिक तय तारीख बीत गई लेकिन प्रशासन ने न तो पुलिस बल भेजा और न ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। उन्होंने इसे सदन को गुमराह करना और विधायक के अधिकारों का हनन बताया।
सरयू राय ने कहा कि यह मामला उन्होंने पिछले साल अगस्त और इस साल मार्च में भी विधानसभा में उठाया था। सरकार ने हर बार कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।
पत्र में राय ने सीधे आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन की मिलीभगत से दबंग लोग गरीब और कमजोर तबके की जमीन पर कब्जा जमाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय की जमीन ऊँची दीवार खड़ी कर हड़पी गई है।
सरयू राय ने विधानसभाध्यक्ष से आग्रह किया है कि धनबाद के उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और बाघमारा अंचल अधिकारी पर विधानसभा की अवमानना और विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू की जाए।
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