Leh Ladakh Protest: सोनम वांगचुक की मुश्किलें बढ़ीं, विदेशी फंडिंग और खातों की हेराफेरी का खुलासा – केंद्र ने रद्द किया FCRA

नई दिल्ली:  लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर अब गंभीर आरोप लगे हैं। केंद्र सरकार ने वित्तीय गड़बड़ियों और विदेशी चंदे की हेराफेरी के चलते उनके एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है। अब उनकी संस्थाएं विदेश से सीधे फंड नहीं ले पाएंगी।

कौन हैं सोनम वांगचुक
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कई महीनों से लद्दाख के मुद्दों को उठाते रहे हैं। अब छात्र बड़ी संख्या में उनके समर्थन में सड़कों पर उतर आए। यही प्रदर्शन हिंसा में बदल गया।

दान से कंपनी तक: पैसों का खेल
जांच में सामने आया है कि हिमालयन इंस्टीट्यूट्स ऑफ अल्टरनेटिव्स (एचआईएएल) को 2023-24 में करीब 6 करोड़ रुपये का दान मिला था, जो अगले ही साल बढ़कर 15 करोड़ से अधिक हो गया। संस्था के सात बैंक खाते पाए गए, लेकिन चार को छिपाया गया।
इसी एनजीओ से 6.5 करोड़ रुपये सीधे शेश्योन इनोवेशन्स प्रा. लि. नाम की निजी कंपनी में भेजे गए, जिसमें खुद सोनम वांगचुक डायरेक्टर हैं। कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा, लेकिन मुनाफा लगभग गायब हो गया, जिससे पैसे छिपाने का शक गहरा गया।

पुराने एनजीओ और निजी खाते भी घेरे में
वांगचुक की पुरानी संस्था ‘स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चर मूवमेंट ऑफ लद्दाख’ के नौ बैंक खाते हैं, जिनमें से छह का जिक्र ही नहीं किया गया।
इतना ही नहीं, वांगचुक के निजी खातों में भी चौंकाने वाले लेन-देन सामने आए हैं। 2018 से 2024 के बीच 1.68 करोड़ रुपये की विदेशी रकम आई और 2.3 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए। यह रकम किसे और क्यों भेजी गई, इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला।

कॉरपोरेट विरोध, मगर सीएसआर से चंदा
वांगचुक अक्सर कॉरपोरेट और सरकारी कंपनियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन दस्तावेज बताते हैं कि उनकी संस्थाओं ने इन्हीं कंपनियों से भारी-भरकम सीएसआर फंड लिया। यानी सार्वजनिक मंच पर विरोध और अंदरखाने उन्हीं से मदद लेना।

कानून का उल्लंघन और जांच का रास्ता
एफसीआरए की धारा 11 और 17, कंपनी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी) के उल्लंघन के सबूत सामने आए हैं। सीबीआई पिछले दो महीनों से जांच कर रही है और अब ईडी की कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।

 

 

इसे भी पढ़ें :

Leh Ladakh Protest: लद्दाख के राज्य का दर्जा मांगने पर भड़की हिंसा, चार की मौत – 80 से ज्यादा घायल

 

Spread the love
  • Related Posts

    Parliament : लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज

    नई दिल्ली : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के विरुद्ध विपक्षी दलों के अविश्वास प्रस्ताव को बुधवार को ध्वनि मत से खारिज हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी की…

    Spread the love

    SC ने केंद्र सरकार को Covid-19 टीकाकरण के कारण वैक्सीन से होने वाले नुकसान या गंभीर प्रतिकूल प्रभावों के मामलों के लिए एक ठोस ‘मुआवजा नीति’ तैयार करने का दिया निर्देश 

    नई दिल्ली : देश में कोरोना टीकाकरण के बाद होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों (Side Effects) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने केंद्र सरकार…

    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Share this Page

    Slide-In Box help you to share the page on the perfect time